ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

भोपाल में कोचिंग संचालकों को प्रशासन का अल्टीमेटम, एक महीने में दूर करो अनियमितताएं

 भोपाल। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद भोपाल में भी प्रशासन कोचिंग संस्थाओं पर नकेल कस रहा है। एम पी नगर क्षेत्र में कुछ कोचिंग संस्थाओं के बेसमेंट में पार्किंग से इतर गतिविधियां पाए जाने पर सील करने की कार्रवाई भी की गई है। इसी सिलसिले में अब प्रशासन की ओर से कोचिंग संस्थान संचालकों को निर्देश दिया गया है कि उनके पास अनियमितताओं को दूर करने के लिए एक महीने का समय है।

इस दौरान वे कोचिंग संस्थान की कमियों को दुरुस्त कर लें। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा फिर से जांच की जाएगी और यदि अनियमितताएं मिलीं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एमपीनगर एसडीएम आशुतोष शर्मा ने शनिवार को कोचिंग संचालकों के साथ बैठक ली और उन्हें एजेंडे के तहत नियम बताए। साथ ही नियमों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। इस बैठक में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अलावा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा के जिम्मेदार अधिकारी भी मौजूद रहे।

होने चाहिए ये इंतजाम

कोचिंग संचालकों को एक महीने में संस्थानों में जिला प्रशासन द्वारा बताए गए सभी इंतजाम करना होंगे। जिससे यहां सुरक्षित माहौल में छात्र शिक्षा प्राप्त कर सकें।
– बेसमेंट का उपयोग सिर्फ पार्किंग के लिए किया जाना सुनिश्चित करें।
– फायर ऑडिट, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट और लिफ्ट ऑडिट आवश्यक रूप से करवाएं।
– प्रत्येक फ्लोर पर एक अधिकारी या कर्मचारी को चिह्नित कर नामित करें, जो उस फ्लोर पर होने वाली किसी भी आपात स्थिति को नियंत्रित करेगा।
– अधिकारी, कर्मचारी का नाम और फोन नंबर सहज दृश्य स्थान पर अंकित किया जाए।
– सुरक्षा के कौन-कौन से मानक पूरा करते हैं, इसे डिस्प्ले करना अनिवार्य।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.