ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

देश को खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए, हम अकेले हैं… बांग्लादेश मामले पर बोले फारूक अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के मुखिया और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने हज नीति और केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव को लेकर सरकार को घेरा है. इसके साथ ही बांग्लादेश मामले पर भी प्रतिक्रिया दी है. इस मामले पर बात करते हुए अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है.

बांग्लादेश मामले पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, हमारा देश अलग है. बांग्लादेश का मामला अलग था. बांग्लादेश में शेख हसीना भारत समर्थक थीं. मगर, वहां के लोग भारत समर्थक नहीं. अब जो हुआ है, उसको देखते हुए हमारे देश को खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए. आज हमारा कोई भी पड़ोसी मुल्क हमारा दोस्त या साझेदार नहीं है, चाहे वह पाकिस्तान हो, नेपाल हो, बांग्लादेश हो या श्रीलंका हो. हम अकेले हैं.

भारत ने अपने छोटे भाइयों को नाराज कर दिया

अब्दुल्ला ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बड़े भाई (भारत) ने अपने छोटे भाइयों को नाराज कर दिया है. यह प्रतिष्ठा फिर से बहाल होनी चाहिए. भारत को बड़े भाई का अपना अधिकार निभाना चाहिए. भारतीयों को सभी के साथ बैठकर समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए ताकि पड़ोसी मुल्क हमारे मित्र बन सकें.

आगामी चुनावों में हम कोई गठबंधन नहीं करेंगे

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के मुखिया ने केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारी जम्मू-कश्मीर आ रहे हैं. वो सरकार से परामर्श करने के बाद तारीखों का फैसला करेंगे. हम आगामी चुनावों में कोई गठबंधन नहीं करेंगे. इसके साथ ही अब्दुल्ला ने हज नीति पर सरकार को घेरा.

उन्होंने कहा, सरकार को हज के बारे में क्यों फैसला करना चाहिए. लोग अपने पैसे से हज जाते हैं. अगर कोई अमरनाथ या केदारनाथ की यात्रा पर जा रहा है तो सरकार को उन्हें क्यों बताना चाहिए. या सरकार को उन्हें क्यों रोकना चाहिए. सरकार को रोकने का हक नहीं. यह धार्मिक मामला है. सरकार को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.