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लालू यादव का मिशन डैमेज कंट्रोल, मजबूत नेताओं की घर वापसी में जुटी RJD

लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने कांग्रेस और लेफ्ट के साथ मिलकर भी बिहार में बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए को मात नहीं दे सकी. ऐसे में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव मिशन-2025 में जुट गए हैं. बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. लालू यादव ने 2024 में हुए डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है. इसके तहत ऐसे नेताओं की ‘घर वापसी’ का तानाबाना बुन रहे हैं, जिनका अपने-अपने इलाके में सियासी दबदबा रहा है और उनकी नाराजगी के चलते 2024 में आरजेडी को नुकसान उठाना पड़ा है. इस मिशन का आगाज लालू यादव ने सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब के साथ शुरू किया है और उनके टारगेट पर ऐसे आधा दर्जन नेता हैं.

लालू प्रसाद यादव ने पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से बीते रोज पटना आरजेडी विधायक के आवास पर मुलाकात की है. इस दौरान तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. आरजेडी विधायक विनोद जायसवाल ही हिना शहाब और लालू यादव के बीच सुलह-समझौता की भूमिका अदा की है. 2024 के लोकसभा चुनाव में हिना शहाब निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरी थी, जिसके चलते आरजेडी को हार का मूंह सिवान में देखना पड़ा है. हिना शहाब के चुनाव लड़ने से सिर्फ सिवान ही नहीं बल्कि छपरा और गोपालगंज सीट पर भी आरजेडी को नुकसान उठाना पड़ा है. इसीलिए लालू यादव अब हिना शहाब को साधने की कवायद में है.

लालू के काफी करीबी नेता माने जाते थे शहाबुद्दीन

हिना शहाब के पति शहाबुद्दीन की उत्तर बिहार के इलाके में तूती बोलती थी. शहाबुद्दीन आरजेडी प्रमुख लालू यादव के करीबी नेता माने जाते थे, लेकिन उनके निधन के बाद से हिना शहाब पार्टी में साइड लाइन हो गई थी. इस बार के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उतर गई थी. आरजेडी को हुए सियासी नुकसान की भरपाई के लिए लालू यादव ने मोर्चा संभाल लिया है. लालू से हिना शहाब की मुलाकात को एमवाई वोट को एकजुट रखने की कोशिश माना जा रहा है. सियासी जानकारों का मानना है कि इस मुलाकात से हिना शहाब की आरजेडी से दूरी एक बार फिर हो गई है. सूत्रों की माने तो लालू यादव ने हिना शहाब को भरोसा दिया है कि सिवान की सियासत में कोई भी फैसला लिया जाएगा तो उन्हें विश्वास में रखकर लिया जाएगा.

लालू यादव ने शुरू किया डैमेज कंट्रोल अभियान

लालू यादव ने डैमेज कंट्रोल अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान की शुरुआत सीवान के सांसद रहे शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से हुई. वैसे इस कड़ी में कई और नेता शामिल हैं, जिन्हें घर वापसी के लिए मनाए जाने का प्रयास किया जाना है. इस कड़ी में सूर्यगढ़ से विधायक प्रह्लाद यादव, भागलपुर से सांसद रहे बुलू मंडल, पूर्व मंत्री देवेंद्र यादव जैसे नेता शामिल हैं. आरजेडी में एक समय इन नेताओं की सियासी तूती बोलती थी और उनका अपना सियासी कद था, लेकिन तेजस्वी यादव के सियासी दखल के चलते ये नेता साइज लाइन या फिर पार्टी छोड़कर चले गए हैं.

आरजेडी प्रमुख लालू यादव अब पार्टी के दिग्गज नेताओं की नाराजगी को दूर करके उन्हें फिर से एक्टिव करने और जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, उन सभी की घर वापसी का तानाबाना बुन रहे हैं. प्रह्लाद यादव लखीसराय जिला आरजेडी के स्तंभ माने जाते हैं, लेकिन इन दिनों पार्टी से नाराज हैं और नीतीश कुमार के साथ अपनी केमिस्ट्री बना रखी है. हालांकि, उन्होंने अभी आरजेडी छोड़ी नहीं है. लालू प्रसाद के सानिध्य में प्रहलाद यादव की राजनीतिक पहचान बनी. वे पांच बार विधायक बने और जिला संगठन की कमान भी संभाली, जिन्हें अब मनाने का काम लालू यादव करेंगे.

नीतीश कुमार के साथ खड़े हैं बुलो मंडल

भागलपुर से सांसद रहे बुलो मंडल भी लालू के करीबी नेताओं में रहे हैं, लेकिन इन दिनों नीतीश कुमार के साथ खड़े हैं. 2024में भागलपुर से टिकट मांग रहे थे, लेकिन सीट कांग्रेस के खाते में जाने के बाद बुलो मंडल नाराज हो गए. इसके चलते कांग्रेस को भागलपुर सीट पर हार का मूंह देखना पड़ा है. लालू प्रसाद यादव के टारगेट पर बुलो मंडल भी हैं, जिनकी घर वापसी की रणनीति बनाई जा रही है.

सीमांचल क्षेत्र में आरजेडी के दिग्गज नेता रहे पूर्व मंत्री देवेंद्र यादव को भी लालू यादव अपने साथ मिलाने की कोशिश में है. लोकसभा चुनाव में उन्होंने बागी रुख अपना लिया था. आरजेडी से अलविदा कहने के बाद उन्होंने कोई पार्टी ज्वाइन नहीं किया है, जिसके चलते उन्हें मनाने का बीड़ा लालू यादव ने खुद उठाया है. इसी तरह अशरफ करीम ने भी अरजेडी को अलविदा कहकर लोकसभा चुनाव में निर्दलीय कूद गए थे, जिन्हें मनाने का जिम्मा भी लालू यादव ने लिया है. कृष्णा पटेल भी इस फेहरिस्त में है, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में नाराज होकर पार्टी छोड़ी दी थी. ऐसे में लालू यादव इन सभी नेताओं को मनाकर घर वापसी कराने का प्लान बनाया है ताकि विधानसभा चुनाव की लड़ाई फतह कर सके.

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