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राहुल गांधी के अमेरिकी दौरे में बदलाव, अब कितने दिन के लिए जाएंगे?

राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी पहली विदेश यात्रा करने जा रहे हैं. वह सितंबर के पहले सप्ताह में अमेरिका यात्रा पर जाएंगे, जहां वे भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे. इस बीच विधानसभा चुनावों को देखते हुए राहुल गांधी के अमेरिकी दौरे में बदलाव किया गया है और इसे 10 से 12 दिन छोटा कर दिया गया है. कांग्रेस नेता के 5 से 6 सितंबर की दरमियानी रात अमेरिका जाने का कार्यक्रम है.

अमेरिका यात्रा के दौरान राहुल गांधी टेक्सास में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे. उसके बाद वाशिंगटन डीसी में लॉ मेकर्स से तमाम मुलाकातें होंगी, बाकी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है. इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी विधानसभा चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगी और पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करने की कोशिश करेंगी.

कांग्रेस महासचिव सितंबर के दूसरे हफ्ते से जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए कैंपेन का आगाज कर सकती हैं. प्रियंका चुनाव प्रचार की शुरुआत जम्मू कश्मीर से करेंगी और वह दोनों ही राज्यों में 5 से 7 रोड शो करेंगी. इसके अलावा 15 से ज्यादा चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगी. अकेले हरियाणा में प्रियंका गांधी एक दर्जन से ज्यादा रैलियां करेंगी.

जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव

विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस से गठबंधन किया है, जबकि हरियाणा में उसने आम आदमी पार्टी (AAP) से गठबंधन की सभी अटकलों को खारिज करते हुए अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. जम्मू-कश्मीर में 18, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन चरणों में वोटिंग करवाई जाएगी. वोटों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी. जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा सीटें हैं और केंद्र शासित प्रदेश में 88.06 लाख मतदाता हैं.

हरियाणा में होगी चौतरफा लड़ाई

वहीं, 90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा के लिए 1 अक्टूबर को चुनाव होने हैं, जिसके नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित होने की उम्मीद है. इस साल लोकसभा चुनावों में दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी को केवल 0.87 प्रतिशत वोट मिले थे और उसका कोई भी उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका था. 2019 के विधानसभा चुनावों में हरियाणा में बीजेपी ने 40 सीटों पर जीत हासिल की थी और जेजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी. जेजेपी ने 10 सीटों पर विजय पताका फहराई थी, जबकि कांग्रेस के खाते में 31 सीटें गई थीं. इस साल की शुरुआत में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन टूट गया था. इस बार हरियाणा में बीजेपी, कांग्रेस, जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच चौतरफा मुकाबला होने की संभावना है.

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