यूक्रेन में फंसे भारतीयों को अपने खर्चे पर वतन वापस लाएगी भारत सरकार
नई दिल्ली/पटना: यूक्रेन में बिहार सहित देश के हजारों नागरिक फंसे हुए हैं। ऐसे में इन तमाम लोगों और उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर है। बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि, नरेंद्र मोदी सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीयों को गंभीरता से निकालने में लगी है। पहले भी यमन में जब युद्ध हो रहा था युद्ध को रुकवा कर भारतीयों को निकाला गया था। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पोलैंड, हंगरी, रोमानिया सब से बात हो गई है. भारतीयों को सरकार अपने खर्चे पर वतन वापस लाएगी। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि, छात्र बिना वीजा के केवल पासपोर्ट रखेंगे और पोलैंड, हंगरी, रोमानिया के बॉर्डर पर आएं। वहां की सरकारों से बात हो गई है। वहां से उन्हें भारत लाया जाएगा। जो भी छात्र फंसे हैं उनके गार्जियन परेशान ना हो सरकार मिनट 2 मिनट 24×7 मॉनिटरिंग कर रही है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जब तनाव बढ़ रहा था उसी समय 16 फरवरी को ही एडवाइजरी जारी कर दी गई थी।
बता दें कि भारतीय मूल के 20000 छात्र यूक्रेन में फंसे थे। जिसमें भारत सरकार ने 4000 छात्रों को यूक्रेन से स्वदेश वापस बुला लिया है। लेकिन 16000 छात्र अभी भी यूक्रेन में फंसे हैं। जिनके परिवार के लोग काफी दहशत में हैं। यूक्रेन में फ्लाइट बंद होने के कारण उन्हें भारत लाने में परेशानी हो रही है। सरकार इसका वैकल्पिक रास्ता ढूंढ़ रही है। सराकर का दावा है कि जल्द ही फंसे सभी भारतीय छात्रों को वहां से बाहर निकाल लिया जाएगा। रूस-यूक्रेन की लड़ाई गंभीर हो गई है। रूसी सेना द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले में बहुत से लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति का कहना है कि रूस के हमले में अब तक 137 लोग मारे जा चुके हैं। रूस के हमलों के बीच यूक्रेन में तबाही मची हुई है। ताजा अपडेट के मुताबिक, रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच गई है। इससे पहले आज कीव पर छह बार मिसाइल अटैक हुआ था।