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बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल से 29 मरीजों की मौत, पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख की वित्तीय मदद देंगी ममता

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में लेडी डॉक्टर की रेप और मर्डर की न्याय की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स पिछले 34 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. डॉक्टरों की हड़ताल के कारण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल के कारण राज्य में 29 मरीजों की मौत हो गई है. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का घोषणा की.

 

हड़ताल समाप्त करने को लेकर ममता बनर्जी और जूनियर डॉक्टर्स के बीच गुरुवार को बातचीत फेल हो गई है. ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले और अस्पताल की स्थिति का वास्ता देखते हुए अपील की थी कि जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल वापस ले लेंगे, लेकिन डॉक्टर लगातार सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और मृतका का न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं. गुरुवार को बैठक के लाइव टेलीकास्ट के मुद्दे पर गतिरोध होने के कारण बैठक नहीं हो सकी थी.

दो-दो लाख रुपए अनुदान देने का ऐलान

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि जूनियर डॉक्टरों के लंबे समय तक काम करने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान के कारण हमने 29 बहुमूल्य जिंदगियां खो दी हैं. शोक संतप्त परिवारों की मदद के लिए राज्य सरकार ने सांकेतिक वित्तीय राहत की घोषणा की है. प्रत्येक पीड़ित परिवार को 2-2 लाख रुपए की वित्तीय मदद दी जाएगी.

बता दें कि डॉक्टरों की हड़ताल के कारण राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में भारी संकट पैदा हो गई है. स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. कई सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में इलाज के बिना मरीजों की मौत की शिकायतें पहले ही आ चुकी हैं. ऐसे में तृणमूल भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पिछले कुछ दिनों में हुई कई मौतों में चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगा रही है.

ममता के दावे पर जूनियर डॉक्टरों ने उठाया सवाल

आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों का दावा है कि राज्य में कुल सरकारी अस्पतालों की संख्या 245 है. जिनमें से 26 मेडिकल कॉलेज हैं. जूनियर डॉक्टरों की कुल संख्या 7 हजार 500 से ज्यादा नहीं है. पश्चिम बंगाल में रजिस्ट्रार डॉक्टरों की संख्या 93 हजार है. स्वास्थ्य सेवा कैसे बाधित हो रही है क्योंकि केवल कुछ मेडिकल कॉलेज जहां वरिष्ठ सेवारत हैं, केवल जूनियर डॉक्टर ही हड़ताल पर हैं.

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