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मकान पर चलवाया बुलडोजर, पीड़ित परिवार से की मारपीट, पुलिस प्रशासन का सुस्त रवैया, कार्रवाई के बजाय दिया आश्वासन

डौंडी. अवैध कब्जा तोड़े जाने के बाद न्याय दिलाने की मांग को लेकर बीती रात अंधेरे में थाना के सामने बच्चे के साथ परिवार बैठा रहा. परिवार ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया है. पुलिस आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दे रही हैं, लेकिन पीड़ित परिवार फिर भी अपनी मांगों को लेकर अड़ा हुआ है.

दरअसल, बीते दिनों बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरडोंगर में पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीणों ने गांव में 3 अवैध कब्जा मकानों को तोड़ा था, जिसमें एक पीड़ित गणेशराम बघेल का भी मकान था. जेसीबी से अवैध कब्जे हटाए जाने के दौरान घर में रखा सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया और घटनास्थल पर गाली-गलौज के साथ मारपीट भी हुई थी.

जानकारी के अनुसार मामले में पीड़ित गणेशराम बघेल ने डौंडी थाने में ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा कर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए शनिवार सुबह से लेकर रात को भी परिवार सहित थाना के सामने बैठे हुए थे.

पीड़ित परिवार का कहना है कि मकान को टूटे 1 महीना हो चुका है, फिर भी कार्रवाई में देरी हो रही है. साथ ही यह भी मांग रखी कि हमारे साथ अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं मामले में थाना प्रभारी अनिल ठाकुर का कहना है, कि पीड़ित द्वारा घर तोड़े जाने व जातिगत गाली-गलौज कर मारपीट करने की शिकायत की गई थी. जिस पर पीड़ित से जाति प्रमाण पत्र मंगवाया गया था. तीन दिन पूर्व ही दस्तावेज जमा किया गया है, जिसके बाद एसटी-एससी की धारा लगा दी गई है, जिसकी विवेचना उच्च स्तरीय अधिकारी द्वारा की जाती है.

आगे उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार से 4 दिन का समय मांगा गया था, लेकिन वे जल्द ही इंसाफ की मांग को लेकर थाना के सामने आकर बैठ गए. आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.

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