ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

1 लाख लोगों को सरकारी नौकरी, नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के रहने-खाने की व्यवस्था… पढ़िए मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले

 भोपाल : प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में 01 लाख पदों पर भर्तियां की जाएंगी। दिसंबर तक इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मंगलवार को मंत्रालय में हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें सर्वाधिक 46 हजार पद स्वास्थ्य विभाग के हैं।

महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के लिए 20000 पदों के सृजन की अनुमति दी गई है। इसमें 12000 से अधिक सहायिका और 467 सुपरवाइजर के पद भी शामिल हैं। साथ ही कैबिनेट से पहले मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन वाले विभागों को आगामी चार वर्ष के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

भौगोलिक सीमाओं का पुनर्गठन

कैबिनेट बैठक में प्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह आयोग आगामी चार माह में सभी जिलों का दौरा करेगा। तहसील, विकासखंड, जिला, और संभाग की सीमाओं में परिवर्तन को लेकर लोगों से सुझाव दिए जाएंगे, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी।

उल्लेखनीय है कि आयोग का सदस्य सेवानिवृत आईएएस अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव और मुकेश कुमार शुक्ला को बनाया गया है। इसका कार्यालय ग्रामीण विकास विभाग के कार्यालय स्थित भवन में रहेगा।

नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के रहने-खाने की व्यवस्था करेगी सरकार

कैबिनेट बैठक में दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग बच्ची को सरकार द्वारा विभिन्न सुविधा दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इसमें पीड़िता को शिक्षा, पुलिस सहायता, मातृत्व और नवजात शिशु देखभाल, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कानूनी सहायता, स्वास्थ्य बीमा, देखरेख संस्थानों में आश्रय आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में लाभ प्राप्त होने के लिए एफआईआर की प्रति होना आवश्यक नहीं होगा।

पीड़ित नाबालिग बालिका को गैर-संस्थागत देखभाल के लिए 4000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे, जो मिशन वात्सल्य के तहत होंगे। योजना का क्रियान्वयन कलेक्टर के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए निर्भया फंड से प्रत्येक जिले को 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.