दलित के घर प्रशासन का चला बुलडोजर,बिना कोई नोटिस के घर तोड़ने का आरोप
मधुबनी-बासोपट्टी प्रखंड के सिमराही गांव में एनएच 104 किनारे बसे लोगों का पक्का मकान को बीना कोई नोटिस के जेसीवी से तोड़ने के आरोप में पीड़ित परिवार ने सीओ व एनएच विभाग के विरुद्ध रोषपूर्ण प्रदर्शन किया है. पीड़ित रामलाल पासवान व सीताराम पासवान का आरोप है कि हमलोगों नीजि जमीन में पक्का मकान बनाए हुए थे. इधर एनएच 104 का काम चल रहा है. विगत सोमवार को स्थल जांच को आए एनएच विभाग का एसडीओ ने हमलोगों से कहा कि शौचालय घर को हटा लिजिए बांकी सब ठीक है. लेकिन उसके अगले दिन जब हमलोग घर पर नही थे इसी दौरान बासोपट्टी सीओ प्रशासन के साथ जेसीवी लेकर आए और शौचालय समेत घर भी तोड़कर धरासायी कर दिए. मेरा पुत्र और पुत्री घर का सामान निकालने देने को कहा भी लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी और सामान भी क्षतिग्रस्त कर दी गयी. पीड़ित गृहस्वामी का आरोप है कि हमलोगों को एक भी नोटिस नहीं भेजा गया था. और न ही मुआबजे की राशि तय किया गया. और प्रशासन ने अपने बल का प्रयोग कर हमलोगों को सड़क पर ला दिया है. कहा कि करीब सात लाख का नुकसान हुआ है.यदि हमलोगों को मुआबजा नही दिया गया तो हम सभी दलित परिवार एनएच 104 को जाम करने पर बाध्य हो जाएंगे. प्रदर्शन में
रामलाल पासवान, सीताराम पासवान, दीपक कुमार, विकाश, कुमार, सीताराम पासवान, भलसरी देवी, धंजू साफी, रूबी कुमारी समेत अन्य कई दलित परिवार मौजूद थे. इस बाबत सीओ हर्ष हरि ने बताया कि माइकिंग के जरिए अतिक्रमण मुक्त करने को कहा गया था। एनएच विभाग के द्वारा जारी निर्देश के बाद अतिक्रमण खाली कराया गया है।