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स्थानीय भाषा की ट्रेनिंग देने वाले को ही नहीं आती भाषा, कैमरे के सामने खुली पोल

Saraikela News: जब स्थानीय आदिवासी नेता ने प्रशिक्षक से संथाली में बात करने को कहा तो कैमरे की मौजूदगी में ही प्रशिक्षक ने यह माना कि उन्हें स्थानीय भाषा नहीं बल्कि हिंदी भाषा आती है.

Saraikela News: झारखंड के सरायकेला जिले में भाषा का विवाद अब सरकार के गिरेबान तक पहुंचने लगा है. बीते दिन हुए शिक्षक प्रशिक्षण मामले में प्रशिक्षक के द्वारा दिए गए बयान को आड़े हाथों लेते हुए स्थानीय आदिवासीयों के नेता राम हांसदा की 5 सदस्य टीम शिक्षा प्रसार पदाधिकारी गम्हरिया के कार्यालय पहुंची. वहां उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम पर आपत्ति दर्ज करते हुए प्रशिक्षक के खिलाफ अपनी शिकायत गम्हरिया प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से की लेकिन हैरानी की बात यह रही स्थानीय भाषा का प्रशिक्षण देने वाले अशोक कुमार में ही स्थानीय भाषा की जानकारी बिल्कुल नहीं पाई गई.

कैमरे के सामने खुली पोलजब स्थानीय आदिवासी नेता ने प्रशिक्षक से संथाली में बात करने को कहा तो कैमरे की मौजूदगी में ही प्रशिक्षक ने यह माना कि उन्हें स्थानीय भाषा नहीं बल्कि हिंदी भाषा आती है. जब पूरे मामले को लेकर हमारे पत्रकार ने प्रशिक्षक से सवाल किया कि आप प्रशिक्षण दे रहे हैं और आपको ही स्थानीय भाषा की जानकारी नहीं है. इस पर प्रशिक्षक कोई भी उत्तर नहीं दे पाए. वहीं पूरे मामले को लेकर अब स्थानीय आदिवासियों के नेता राम हंसदा ने ग्रामसभा कर एक लिखित शिकायत प्रशासन से करने की बातें कही है.

चर्चा का विषय बनाराम हंसदा ने पूरे प्रशिक्षण को सरकारी तंत्र का सबसे बड़ा घोटाला भी बताया है. उन्होंने झारखंड के शिक्षा मंत्री के द्वारा स्थानीय भाषाओं के लिए समर्थन की बातों को भी ढकोसला बताया है और स्थानीय भाषाओं के जानकार को शिक्षा विभाग में अविलंब बहाल करने की मांग भी रखी है. अब यह मामला सरकारी कार्यालयों में पहुंचने से अन्य विभागों में भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है. पूरे मामले पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने कहा कि जो प्रशिक्षण विभाग के द्वारा प्रशिक्षक को दिया गया है वही प्रशिक्षण जारी है विरोध से उन्हें कोई मतलब नहीं है.

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