ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

देवघर में 44 घंटे के ऑपरेशन के बाद 46 लोग बचाए गए

देवघर : करीब 44 घंटे के बाद देवघर में त्रिकुट पर्वत पर रोपवे में फंसे 46 लोगों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। केबिन नंबर सात में फंसे छठी लाल साह को निकालने के बाद दोपहर करीब 12 बजकर 55 मिनट पर अभियान समाप्ति की घोषणा की गई। दो दिनों तक चले इस अभियान में भारतीय वायुसेना, आइटीबीपी और एनडीआरएफ की टीम ने जहां 46 लोगों की जान बचाई, वहां जिंदगी के करीब आकर भी दो लोगों का साथ छूट गया। वहीं इस पूरे हादसे में तीन लोगों ने अपनी जान गंवा दी।

छठी लाल साह से पहले इनकी पत्‍नी शोभा देवी को रेस्‍क्‍यू करने के क्रम में वह डेढ़ हजार फीट नीचे खाई में गिर गईं। गंभीर अवस्‍था में उन्‍हें सदर अस्‍पताल ले जाया गया, जहां डॉक्‍टर दिवाकर पासवान ने मौत की पुष्टि की। बताया जाता है कि ऊपर खींचते समय शोभा देवी से बंधी रस्‍सी का हुंक केबिन के गेट में फंस गया था। कमांडो इसे निकालने का प्रयास कर रहा था, लेकिन तभी रस्‍सी टूट गई और महिला करीब डेढ़ हजार फीट नीचे जमीन पर जा गिरीं।

मंगलवार को रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के दौरान 14 लोगों की जान बचाई गई। सुबह आयकर के एक अधिकारी नीरज किशोर के साथ इनके पुत्र नमन नीरज और अभिषेक नंदन को रेस्क्यू किया गया। छह नंबर केबिन में छठी लाल साह के पांच रिश्‍तेदार भी फंसे थे, जिन्‍हें सुरक्षित निकाल लिया गया था। वहीं सोमवार की शाम रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के दौरान लोगों को बचाने के लिए 20 नंबर केबिन में गया कमांडो वहीं फंस गया था। सोमवार शाम करीब पौने छह बजे हुए हादसे के बाद रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन को रोक दिया गया था, जिसकी वजह से कमांडो को भी पूरी रात रोपवे के केबिन में ही गुजारनी पड़ी। रेस्‍क्‍यू किए जाने के बाद इन सभी को सदर अस्‍पताल ले जाया गया। बताया जाता है कि वायु सेना की टीम ने एक केबिन से बेहोशी की हालत में दो लोगों को निकाला था। सोमवार को हुए हादसे के बाद मंगलवार को काफी एहतियात बरती जा रही है, लेकिन इसके बावजूद किस्‍मत ने शोभा देवी का साथ छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, रेस्‍क्‍यू के क्रम में एक कमांडो को भी चोट आई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.