बिस्टान रोड पर बेकरी तोड़ने पहुंचा अमला,खरगोन में उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई जारी
खरगोन । उपद्रव के बाद की जा रही कार्रवाई के तहत मंगलवार को प्रशासन और पुलिस का अमला शहर के बिस्टान रोड पर बेकरी तोड़ने पहुंचा। पांच जेसीबी मशीन, एक पोकलेन मशीन, स्काइ लिफ्ट सहित अन्य संसाधनों से लैस अमला बिस्टान रोड पर नहर के समीप स्थित बेस्ट बेकरी के अवैध हिस्से को तोड़ा। इस दौरान कलेक्टर अनुग्रहा पी, डीआईजी तिलक सिंह, सीएमओ प्रियंका पटेल सहित बड़ी संख्या में अमला मौजूद है। संभाग आयुक्त डा. पवन शर्मा व आईजी राकेश गुप्ता कार्रवाई स्थल पहुंचे। मध्य प्रदेश में खरगो में 10 अप्रैल को हुई हिंसा में लोक और निजी संपत्ति की नुक़सानी के दावों का आंकलन और उपद्रवकारियों से वसूली कर हिंज नुकसान हुआ है, उनको भुगतान किए जाने हेतु अधिनियम की धारा 4 अंतर्गत पहली बार क्लेम ट्रिब्यूनल की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित है।
खरगोन में सोमवार रात 11 बजे फिर पथराव की घटना, दो बसों में लगाई आग
खरगोन शहर में सोमवार दिनभर शांति रहने के बाद रात करीब 11 बजे रहीमपुरा में फिर पथराव की घटना हुई। वहीं खंडवा रो पर उपद्रवियों ने खड़ी हुई दो बसों में आग लगा दी। शहर में श्रीराम नवमी पर शोभायात्रा निकलने के दौरान हुए पथराव के बाद शुरू हुआ उपद्रव सोमवार अलसुबह तक जारी रहा था। शहर के कई क्षेत्रों से आतंक की चीखें सुनाई देती रही। कई लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे लेकिन समय पर मदद नहीं मिल पाई। इस दौरान 25 से अधिक स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुई। घरों-दुकानों पर जमकर पत्थरबाजी हुई, पेट्रोल बम फेंके गए और मकानों-दुकानों व वाहनों में आग लगाई गई। देर रात प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद सोमवार सुबह मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन पूरे रंग में नजर आया। सोमवार पूरा दिन कार्रवाई की गूंज रही। सोमवार दोपहर तक 84 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया। वहीं दंगाइयों द्वारा अतिक्रमण कर बनाए गए मकान-दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया। सीएम व गृहमंत्री के निर्देशों के बाद एक्शन में आया प्रशासन व पुलिस बल सोमवार को सख्त नजर आया। वहीं बड़ी संख्या में बल मौजूद होने से प्रभाव भी दिखाई दिया। सोमवार दिन में कहीं से कोई अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई। इस दौरान इंदौर संभागायुक्त डा. पवन शर्मा, आइजी राकेश गुप्ता, डीआइजी तिलक सिंह, कलेक्टर अनुग्रहा पी, अपर कलेक्टर एसएस मुजाल्दे, एसडीएम मिलिंद ढोके, सीएमओ प्रियंका पटेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
यूं चला कार्रवाईयों का दौर
-रविवार देर रात संभागायुक्त व आइजी के आने के बाद सर्चिंग और गिरफ्तारियों का दौर शुरू हुआ।
-उपद्रव की शुरुआत में ही घायल हुए शहर टीआइ बनवारी मंडलोई उपचार करवाकर रात में ही ड्यूटी लौटे।
-एसपी सिद्धार्थ चौधरी को पैर में छर्रे लगने से निजी अस्पताल में भर्ती किया गया।
-रात से सुबह तक 77 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया। वहीं सोमवार दिन में सात अन्य को गिरफ्तार किया।
-सोमवार को केंद्रीय रिजर्व बल और अन्य विशेष बल और पुलिसबल सहित कुल 850 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए।
-सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई छोटी मोहन टाकिज, खसखसवाड़ी, गणेश मंदिर और तालाब चौक में की गई।
-सुबह करीब 12 बजे पुलिस, प्रशासन, नपा की टीम जेसीबी मशीन, स्काइ लिफ्ट, ट्रैक्टर आदि संसाधनों से लेस होकर छोटी मोहन टाकिज क्षेत्र पहुंची।
-इस दौरान मुस्लिम दल्लू का 800 वर्ग फीट आवासीय भवन, मुक्कू उर्फ मुकीम चांद खां का 240 वर्ग फीट, खलील खां गुलशेर खां का 340 वर्ग फीट और रियाज शेर मोहम्मद का एक हजार वर्ग फीट का अतिक्रमण जमींदोज किया गया।
-इसके बाद टीम खसखसवाड़ी क्षेत्र पहुंची, जहां चार-पांच पशुबाड़ों को ध्वस्त किया गया।
-शाम को टीम पहले तालाब चौक पहुंची लेकिन कार्रवाई न करते हुए पहले पूरा अमला गणेश मंदिर के समीप पहुंचा। यहां मंदिर के समीप अतिक्रमण कर बनाई दुकान को ध्वस्त किया गया।
-इसके बाद शाम करीब छह बजे टीम फिर तालाब चौक पहुंची। यहां मस्जिद के सामने 16 चिंहित दुकानों में से कुछ दुकानों का अतिक्रमण में आ रहा हिस्सा तोड़ा गया।
-कर्फ्यू के चलते सोमवार को पूरा शहर बंद रहा। बस स्टैंड व मुख्य मार्गों से लगाकर गली-मोहल्लों में भी वीरानी छाई रही।
परीक्षा स्थगित, नुकसान की होगी वसूली
कर्फ्यू के चलते सोमवार को कक्षा आठवीं और महाविद्यालय में स्नातक व स्नातकोत्तर की परीक्षा स्थगित की गई। कलेक्टर ने बताया कि यह परीक्षा स्थिति सामान्य होने के बाद अलग से होगी। वहीं संभागायुक्त ने बताया कि उपद्रव में शासकीय संपत्ति का जो नुकसान हुआ है, वह दंगाइयों से वसूला जाएगा।
सूचना तंत्र फेल, उपद्रवी पूर्व से तैयार!
रविवार शाम से शुरू हुए उपद्रव के कारणों में पुलिस व प्रशासन का सूचना तंत्र नाकाम नजर आया। संवेदनशील क्षेत्र से शुरू हुई घटना को लेकर कोई पूर्व तैयारी नजर नहीं आई। न आयोजन के पूर्व में बैठक, न ड्रोन सर्वे और न ही किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त बल नजर आया। वहीं बड़ी मात्रा में छतों पर एकत्रित पत्थरों, पेट्रोल बम और अन्य हथियारों के उपयोग से सिद्ध होता है कि दंगाई पूर्व नियोजित तरीके से तैयार थे।
कई मार्मिक और चौंकाने वाले वीडियो आए सामने
रविवार रात में हुए उपद्रव के बाद सोमवार को पीड़ितों ने अपने साथ हुई हिंसा को लेकर वीडियो जारी किए। इसमें कई मार्मिक व चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए। इनमें घरों में घुस कर की गई तोड़फोड़, लूटपाट, आगजनी आदि की बातों सहित उपद्रवियों द्वारा दुष्कर्म तक किए जाने की बात भी शामिल थी। मंदिरों में मूर्तियों से की गई तोड़फोड़, वाहनों में आगजनी और दंगे कर धमकाने तक के मामले भी वीडियो में सामने आए, जो अब पुलिस की जांच का विषय हैं।
अफवाह फैलाने वाले चार कर्मियों पर कार्रवाई
संभागायुक्त डा. शर्मा ने बताया कि दंगे जैसी स्थितियों को लेकर सरकार की जीरो टालरेंस पालिसी है। उन्होंने कहा कि श्रीरामनवमी के दौरान घटित घटनाक्रम में अफवाह फैलाने वाले नगर पालिका के चार कर्मियों पर कार्रवाई की गई। इसमें एक स्थायी कर्मी दरोगा अकबर रफीक को निलंबित किया गया। वहीं तीन दैनिक वेतनभोगी चिराग इदरीस, मासूम कला और इज्राहिद राऊल को काम से हटाया गया है।
और आएगा पुलिस बल
रक्षित निरीक्षक रेखा रावत ने बताया कि शहर में लगे कर्फ्यू के लिए अन्य जिलों से पुलिस बल को बुलाया गया है। सोमवार दोपहर तक आरटीपीसी के 77, 13वी वाहिनी इंदौर-ग्वालियर से 92, वाहिनी प्रशिक्षित से 54 व इंदौर से 31 और आरपीटीसी प्रशिक्षण के 152, एसटीएफ के 65 जवानों सहित कुल 850 पुलिस बल खरगोन पहुंच चुका है। अन्य जिलों से कुल 500 से अधिक महिला व पुरुष जवानों का बल भी पहुंचने वाला है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.