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स्कूल में कैद रहे प्रधान पाठक: अपने स्टाफ के साथ ताले जड़ कर चली गई प्रिसिंपल, जांच अधिकारियों ने निकाला बाहर

रायपुर। राजधानी के गोगांव स्थित सरोरा स्कूल में प्रधान पाठक ने खुद को तालाबंद कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने स्कूल के ही प्राचार्य कविता झा पर ये आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जान बूझकर स्कूल के अंदर कैद कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक प्राइमरी स्कूल और मिडिल स्कूल एक ही प्रांगण में है.

प्रधान पाठक मनहरण सिंह बटोटे के मुताबिक शासन के आदेश के हिसाब से हाई स्कूल का समय 11:30 बजे से 4:30 बजे है, लेकिन सरोरा के प्राचार्य द्वारा 11:30 बजे हाई स्कूल बंद कर दिया गया. प्रधान पाठक ने कहा कि वे अंक सूची का कार्य कर रहे थे, तभी उनको अंदर कमरे में बंद कर दिया गया.

प्रधान पाठक का आरोप है कि आज 7 30 से 11 30 की प्रायमरी स्कूल लगी थी, जिसके छुट्टी हो जाने के बाद वो कार्यालय का अन्य काम निपटा रहे थे. उसके बाद जब घर जाने के लिए निकले तो स्कूल के मेन गेट पर ताला लगा दिया गया.

प्रधान पाठक ने इसकी जानकारी BEO कार्यालय को दी, जिसके बाद जांच अधिकारी वहां पहुंचे. उनके वहां पहुंचने के बाद प्रधान पाठक बाहर आ पाए. इस मामले की उन्होंने लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से भी की है.

वहीं आरोपों को प्राचार्य कविता झा ने खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस वक़्त एग्जाम चल रहे हैं, जो सुबह 8 से 10:30 के बीच होता है. इसके बाद वो 12:50 के बाद वहां से निकली हैं. स्कूल में अन्य कोई भी मौजूद नहीं होने के कारण स्टाफ ने स्कूल में ताला बंद करने का हवाला दिया है.

उन्होंने यह भी कहा कि जब अन्य कोई अधिकारी स्कूल में मौजूद नहीं है. यहां तक के चपरासी भी स्कूल में मौजूद नहीं है. ऐसे स्थिति में प्रधान पाठक स्कूल में क्या कर रहे थे. ये समझ से परे है. मुझ पर जो भी आरोप लगाया जा रहा है, वो सरासर गलत है.

हालांकि इस पूरे मामले की शिकायत DEO तक पहुंच गई. अब इस मामले में किसकी गलती है या किसकी नहीं ये जांच के बाद ही पता चल पाएगा.

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