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उत्तराखंड में 26 दिन में तैयार हुई एक किमी लंबी रेलवे टनल

उत्तराखंड में रेल विकास निगम लिमिटेडरेल प्रोजेक्ट-2 के तहत ऋषिकेश से लेकर कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन के काम ने गति पकड़ ली है। 4200 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में शिवपुरी से ब्यासी तक के बीच 1 किलोमीटर टनल का काम केवल 26 दिनों में पूरा कर लिया गया है। इतने कम समय में टनल का काम पूरा करना एक नया कीर्तिमान है।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने PM नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताया है। PM मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है। इस रेल लाइन के पूरा होते ही ऋषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच यात्रा का समय 7 घंटे से घटकर सिर्फ 2 घंटे हो जाएगा।

उत्तराखंड के लिए ये प्रोजेक्ट केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में घोषित किया था। पर्यटकों की सुविधा के लिए ऋषिकेश से लेकर कर्णप्रयाग तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। जानकारी के अनुसार 125 किमी लंबी इस परियोजना के दिसम्बर 2024 तक पूरा होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट को लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड पूरा कर रही है। परियोजना में रेल लाइन पर 12 नए रेलवे स्टेशन, 17 सुरंगें होंगी, जिसके पूरा होने से उत्तरी भारत में पर्यटन बढ़ने की उम्मीद है। इसकी मॉनिटरिंग CM पुष्कर सिंह धामी खुद भी कर रहे हैं। पहाड़ों के बीच से रेल लाइन को निकालने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। 125 किलोमीटर लम्बे इस प्रोजेक्ट में देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, गौचर, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, चमोली और कर्णप्रयाग जिलों को आपस में जोड़ा जाएगा।

ऋषिकेश से देवप्रयाग तक ROB का काम शुरू हो चुका है। इसके ब्लॉक सेक्शन का काम 2023-24 और देवप्रयाग से कर्णप्रयाग तक के ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2024-25 तक पूरा किया जाने का लक्ष्य है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम को रेलवे सेवा से जोड़ने के लिए लगभग 327 किलोमीटर लंबाई की चार रेलवे लाइन अलाइनमेंट पर भी काम शुरू कर दिया गया है।

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