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पाकिस्तान की बिजली का बिल आया 300 अरब रुपए

इस्लामाबाद। पाकिस्तान और चीन के बीच तनाव अब खुले तौर पर दिखने लगा है। कंगाली की हालत से जूझ रहे पाकिस्तान को चीन ने अंधेरे में डुबोने की धमकी दी है। चीनी कंपनियों का कहना है कि अगर पाकिस्तान सरकार उनके बकाया 300 अरब रुपए नहीं चुकाती है तो वे पाकिस्तान को बिजली सप्लाई बंद कर देंगी। इमरान खान के कार्यकाल में पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ कई गुना बढ़ गया है। कुल कर्ज का 20 फीसदी हिस्सा सिर्फ चीन का है। खबरों के मुताबिक चीन की दो दर्जन से अधिक फर्म पाकिस्तान में काम कर रही हैं। कंपनियों ने कहा कि उन्हें अपने बिजली संयत्रों को बंद करना पड़ेगा क्योंकि पाकिस्तान सरकार पर उनका बकाया 300 अरब रुपए से अधिक हो गया है। कंपनियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनका भुगतान नहीं किया जाता वे अपनी बिजली संयत्रों को शुरू नहीं करेंगे। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के रास्ते 30 चीनी कंपनियां पाकिस्तान में प्रवेश कर चुकी हैं।

इन कंपनियों का पाकिस्तान के ऊर्जा, संचार, रेलवे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दखल है। सोमवार को पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री एहसान इकबाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कंपनियों ने स्पष्ट शब्दों में पाकिस्तान सरकार को धमकी दी। बैठक में कंपनियों ने पाकिस्तानी मंत्री के सामने जटिल वीजा प्रक्रियाओं और टैक्स से जुड़ी अपनी शिकायतें भी रखीं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि बढ़ती गर्मी के चलते देश को अधिक बिजली की जरूरत है इसलिए वे उत्पादन को बढ़ाएं। लेकिन कंपनियों ने बकाया पैसों की बात कहकर इससे इनकार कर दिया। कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी, खासकर कोयले की कीमतों में हुई तीन से चार गुना वृद्धि का हवाला देते हुए अग्रिम भुगतान की मांग उठाई।

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