ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मैच्योरिटी से पहले निकासी पर कितना मिलेगा पैसा, RBI ने तय की दर

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) सरकारी सिक्योरिटीज हैं और यह फिजिकल गोल्ड का एक ऑप्शन हैं. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किया जाता है.

नई दिल्ली. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानी एसजीबी (Sovereign Gold Bond) के प्रीमैच्योर रिडेंप्शन के लिए दर 5,115 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने एक बयान में यह जानकारी दी.

मैच्योरिटी से पहले भी भुना सकते हैं गोल्ड बॉन्डआरबीआई के निर्देशों के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल है लेकिन लॉक इन पीरियड 5 साल है यानी गोल्ड बॉन्ड खरीदे जाने के 5 साल पूरे होने के बाद अगले ब्याज भुगतान की तिथि पर इसे प्रीमैच्योरली भुनाने की अनुमति दी जा सकती है. 17 नवंबर 2016 को जारी एसजीबी 2016-17 की तीसरी सीरीज की ड्यू डेट 17 मई, 2022 है.

आरबीआई ने एक बयान में कहा, ”17 मई, 2022 से पहले एसजीबी रिडेंप्शन के लिए प्रति यूनिट 5,115 रुपये का रिडेंप्शन वैल्यू होगा. यह मूल्य 9 से 13 मई के बीच सोने के बंद भाव के औसत के आधार पर है.”

बॉन्ड पर टीडीएस लागू नहीं होताटैक्समैनेजर.इन के मुख्य कार्यकारी दीपक जैन ने बताया कि एसजीबी से अर्जित ब्याज पर अन्य स्रोतों से आय के रूप में टैक्स लगेगा जबकि बॉन्ड पर टीडीएस लागू नहीं होता.

क्या होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्डसॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सरकारी सिक्योरिटीज हैं और यह फिजिकल गोल्ड का एक ऑप्शन हैं. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया जाता है.

कहां से खरीद सकेंगे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड?गौरतलब है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सभी बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), डाकघर और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, एनएसई (NSE) और बीएसई (BSE) के माध्यम से बेचे जाएंगे. बता दें कि स्माल फाइनेंस बैंक और पेमेंट बैंक में इनकी बिक्री नहीं होती है.

अधिकतम चार किलोग्राम मूल्य तक का बॉन्ड खरीदने की सीमाउल्लेखनीय है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्त वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 4 किग्रा गोल्ड के बॉन्ड खरीद सकता है. वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है. वहीं, ट्रस्‍ट या उसके जैसी संस्‍थाएं 20 किग्रा तक के बॉन्‍ड खरीद सकती हैं. बता दें आवेदन कम से कम 1 ग्राम और उसके मल्‍टीपल में जारी होते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.