ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

कांग्रेस नव संकल्प की तैयारी में जुटी

नई दिल्ली । भविष्य की रणनीति का खाका तैयार के लिए कांग्रेस नव संकल्प की तैयारी में जुटी है। इसमें पार्टी नेता संगठन को मजबूत बनाने से ज्यादा चुनावी जीत पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। ज्यादातर सदस्यों की राय है कि कांग्रेस को नए सहयोगियों की तलाश करनी चाहिए। राज्य स्तर पर गठबंधन करना चाहिए। एक नेता ने बताया कि अभिषेक मनु सिंघवी, प्रमोद तिवारी और पृथ्वीराज चव्हाण आदि ने सहित कई नेताओं की दलील थी कि ‘एकला चलो’ मॉडल अपनाने के लिए ज्यादा वक्त नहीं है। इसलिए गठबंधन की संभावना तलाशनी चाहिए। हालांकि, गठबंधन पर सभी नेता एकमत नहीं है। कई नेताओं की राय थी कि अकेले चुनाव लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। नव संकल्प में सिर्फ पहले से तय विषयों पर चर्चा को लेकर भी कुछ सदस्यों ने नाराजगी जताई है। कई सदस्य हार के कारणों पर चर्चा चाहते हैं, पर उनसे कहा गया कि आगे की रणनीति पर बात करे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बिहार कांग्रेस के नेताओं ने गठबंधन का विरोध किया। उनकी दलील थी कि दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत है। सबसे ज्यादा मतभेद हार के कारणों पर चिंतन को लेकर है। पार्टी नेता हार के कारणों पर अपनी राय रखना चाहते हैं। कांग्रेस ने चिंतन शिविर से चिंतन शब्द हटा दिया है। पार्टी नव संकल्प शिविर के बैनर के साथ चर्चा कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि, हार के कारणों पर कोई चर्चा न हो। सभी सदस्य सिर्फ भविष्य की रणनीति पर बात करें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.