ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

जलवायु परिवर्तन से बड़ा नुकसान, भारत में समय से पहले 30 गुना बढ़ा हीटवेव का खतरा – Officenewz Hindi

Climate Change: जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को मापने वाले एक एट्रिब्यूशन अध्ययन में कहा कि भारत के अलावा पाकिस्तान में लंबे समय तक लू चलने की संभावना 30 गुना अधिक है.

Climate Change early Heat in India and Pakan: जलवायु परिवर्तन ने भारत के अलावा पाकिस्तान में मुश्किल बढ़ा दी है और इस वजह से समय से पहले 30 गुना हीटवेव का खतरा बढ़ गया है. उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान में हाल की गर्मी की लहर पर विशेष रूप से नजर रखने वाले और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को मापने वाले एक एट्रिब्यूशन अध्ययन में कहा कि लंबे समय तक लू चलने की संभावना 30 गुना अधिक है.

हीटवेव से हुआ ये नुकसान

यह बात जलवायु पर अनुसंधान करने वाले वैज्ञानिकों के एक अंतरराष्ट्रीय समूह द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है. विश्लेषण के अनुसार, भारत और पाकिस्तान में लंबे समय से हीटवेव चल रही है, जिसने व्यापक मानव पीड़ा और वैश्विक गेहूं की आपूर्ति को प्रभावित किया है. मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण होने की संभावना लगभग 30 गुना अधिक थी.

इन देशों के वैज्ञानिकों ने किया रिसर्च में सहयोग

भारत, पाकिस्तान, नीदरलैंड, फ्रांस, स्विटजरलैंड, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, यूएसए और यूके के वैज्ञानिकों ने यह आकलन करने के लिए सहयोग किया कि मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन ने इस एट्रिब्यूशन अध्ययन में हीटवेव की संभावना और तीव्रता को किस हद तक बदल दिया. यूके मेट ऑफिस ने बदले में, भारत और पाकिस्तान में अप्रैल/मई के तापमान के 2010 के रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना जताई है.

भारत में गर्मी ने तोड़ा 122 साल पुराना रिकॉर्ड

इस साल मार्च की शुरुआत से ही भारत और पाकिस्तान के बड़े हिस्से में समय से पहले ही गर्म हवाएं चलने लगी थीं, जिसका असर अब भी महसूस किया जा रहा है. रिसर्चर्स ने बताया कि भारत में इस साल मार्च सबसे गर्म रहा और 122 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसके साथ ही पाकिस्तान में भी रिकॉर्ड तापमान देखा गया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.