SC ने वेश्यावृत्ति को पेशा माना, क्या भारत में बदल जाएगी सेक्स वर्कर्स की जिंदगी?
SC ने वेश्यावृत्ति को पेशा माना, क्या भारत में बदल जाएगी सेक्स वर्कर्स की जिंदगी?
सुप्रीम कोर्ट ने वेश्यावृत्ति को पेशे का दर्जा दे दिया है. गुरुवार को अपने एक फैसले में शीर्ष कोर्ट ने अन्य पेशे की तरह यौन पेशे को भी लीगल करार देने के साथ ही इस बाबत राज्य और केन्द्र सरकार के साथ ही पुलिस को भी कई दिशा निर्देश जारी किए हैं. यौन कर्मियों यानी सेक्स वर्करों को लेकर विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करने पर जोर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र, राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों से कहा है कि हर पेशे की तरह मानवीय गरिमा और शालीनता के साथ जीवन जीने के लिए बुनियादी सुरक्षा यौन कर्मियों के लिए भी है. पुलिस और प्रशासन को यौन कर्मियों यानी सेक्स वर्कर्स के साथ भी आम नागरिक की भांति गरिमापूर्ण और सम्मानजनक बरताव व्यवहार करना चाहिए. यानी उनके साथ पुलिस मौखिक या शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार नहीं करे.
क्या कहता है हमारा कानून?
भारतीय दंड संहिता (IPC) के अनुसार, वेश्यावृत्ति वास्तव में अवैध नहीं है, लेकिन कुछ गतिविधियां ऐसी हैं जो वेश्यावृत्ति का एक बड़ा हिस्सा हैं और अधिनियम के कुछ प्रावधानों के तहत दंडनीय हैं, जैसे…
सार्वजनिक स्थानों पर वेश्यावृत्ति
होटलों में वेश्यावृत्ति करना.
एक सेक्स वर्कर की व्यवस्था करके वेश्यावृत्ति में शामिल होना.
एक ग्राहक के लिए यौन क्रिया की व्यवस्था करना.
कॉल गर्ल को भी सजा
अनैतिक ट्रैफिक (रोकथाम) अधिनियम, 1986 मूल अधिनियम का एक संशोधन है. इस अधिनियम के अनुसार, वेश्याओं को गिरफ्तार किया जाना चाहिए अगर वे खुद के साथ संबंध बनाने को कहती हैं या दूसरों को बहकाते हुए पाई जाती हैं. इसके अलावा, कॉल गर्ल को अपने फोन नंबर सार्वजनिक करने की मनाही है. ऐसा करते पाए जाने पर उन्हें 6 महीने तक की सजा और जुर्माना भी हो सकता है.
भारत में क्या है स्थिति
हमारे देश में वेश्यावृत्ति गैरकानूनी नहीं है, लेकिन इसके लिए किसी को फोर्स करना और सार्वजनिक वेश्यावृत्ति करना गैरकानूनी है. वेश्यालय का मालिकाना हक भी अवैध है.
अगर केंद्र सरकार ने कोर्ट के निर्देश को मान लिया तो भारत में क्या बदलेगा?
यौनकर्मियों को समान कानूनी सुरक्षा दी जाएगी.
यदि कोई यौनकर्मी किसी आपराधिक/यौन या अन्य प्रकार के अपराध की रिपोर्ट करता है, तो पुलिस इसे गंभीरता से लेगी और कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी.
यदि किसी वेश्यालय पर छापा मारा जाता है, तो इसमें शामिल यौनकर्मियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, दंडित नहीं किया जाएगा.
कोई भी यौनकर्मी जो यौन उत्पीड़न का शिकार है, उसे तत्काल चिकित्सा देखभाल सहित जरूरी सेवाएं दी जाएंगी.
पुलिस को सभी यौनकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना होगा और मौखिक या शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार नहीं कर सकते.
क्या है अन्य देशों में वेश्यावृत्ति को लेकर कानून
कुछ देशों ने वेश्यावृत्ति पर पूरी तरह से रोक लगा रखा है. जबकि अन्य देशों में वेश्यावृत्ति लीगल है. यौनकर्मियों को स्वास्थ्य और सामाजिक लाभ दिया जाता है.
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