वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही
नई दिल्ली : वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही जबकि इससे पूर्व वित्त वर्ष में इसमें 6.6 प्रतिशत की गिरावट आई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की जीडीपी वृद्धि दर 2021-22 की जनवरी-मार्च तिमाही में 4.1 प्रतिशत रही। वहीं, बुनियादी ढांचा क्षेत्र के आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन अप्रैल 2022 में 8.4 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले इसी महीने में 62.6 प्रतिशत और मार्च 2022 में 4.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
वित्त वर्ष 2021-22 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 6.71 प्रतिशत रहा है, जो 6.9 प्रतिशत के संशोधित बजट अनुमान से कम है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकडों के मुताबिक सरकार ने पहले राजकोषीय घाटा 6.8 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान जताया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया था। महालेखा नियंत्रक की तरफ से जारी आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2022 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए वास्तविक रूप में राजकोषीय घाटा 15,86,537 करोड़ रुपये रहा है जो जीडीपी का 6.7 प्रतिशत है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत एक फरवरी को वर्ष 2022-23 का बजट पेश करते समय अनुमान जताया था कि वर्ष 2021-22 में राजकोषीय घाटा 15,91,089 करोड़ रुपये यानी जीडीपी का 6.9 प्रतिशत रहेगा। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021-22 के अंत में राजस्व घाटा 4.37 प्रतिशत रहा।