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राइट टू ईट चैलेंज में इंदौर पहले नंबर पर

उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर को एक खास उपलब्धि हासिल हुई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण के ईट टू राइट चैलेंज में उज्जैन को देश भर में पांचवां स्थान हासिल हुआ है। 7 जून को विश्व खाद्य दिवस पर खाद्य विभाग के अधिकारी अवार्ड लेने दिल्ली जाएंगे। देश भर के 188 शहरों में आम लोगों को सुरक्षित और स्वस्थ भोजन मिलने को लेकर आयोजित इस चैलेंज में उज्जैन ने हिस्सा लिया था। भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण भारत सरकार द्वारा भारतीयों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और लगातार भोजन सुनिश्चित करने के लिए राइट टू ईट चैलेंज का अभियान चलाया गया था। यह अभियान 01 अगस्त 2020 से 31 दिसंबर 2021 तक चला था। इसमें देश के कुल 188 शहरों को  के तहत नामांकित किया गया। फूड विभाग के जिला अधिकारी बसंत दत्त शर्मा ने कहा कि प्रतियोगिता में टॉप 10 शहरों में मध्य प्रदेश का इंदौर प्रथम, भोपाल तृतीय, उज्जैन पांचवें और जबलपुर ने सातवां स्थान पाया है। वहीं टॉप 75 शहरों में ग्वालियर 12वें, रीवा 17वें, सागर 23वें और सतना 74वें नंबर पर रहा। खाद्य विभाग के कई पैरामीटर्स पर उज्जैन खरा उतरा। बसंत शर्मा ने बताया कि शहर में स्वस्थ वातावरण, लाइसेंस रजिस्ट्रेशन में 20 फीसदी टारगेट था। लेकिन हमने शिविर लगाया और 107 प्रतिशत टारगेट को पूरा किया। सर्विलांस ड्राइव 728 बनाये, 5 ईट राइट कैंपस बनाये। महाकालेश्वर के लड्डू को मिली फाइव स्टार रेटिंग, प्रचार प्रसार और सोशल मीडिया पर आम लोगों को भी जागरूक किया गया। नो फूड वेस्ट योजना के अंतर्गत रॉबिनहुड आर्मी के साथ मिलकर 97 प्रतिष्ठानों को जोड़कर खाद्य पदार्थों की बर्बादी को रोकने का प्रयास किया गया। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा फ्रंट लाइन वर्कर में 1510 आशा कार्यकर्ता, 325 एएनएम और 2127 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को खाद्य पदार्थों के रखरखाव एवं पोषण के संबंध में ट्रेनिंग दी गई।

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