फोरम फॉर प्रोटेक्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने की पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या मामले की जांच
मुजफ्फरपुर: समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थानाअंतर्गत मऊ बाजार के धनेशपुर दक्षिणी मुहल्ला में मनोज झा समेत उनकी पत्नी सुंदरमणि, मां सीता देवी एवं दो पुत्रों सत्यम (10) और शिवम (07) ने गत चार जून की भोर मे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कल नौ जून को मुजफ्फरपुर से फोरम फार प्रोटेक्ट आफ ह्युमन राइट्स के प्रतिनिधि प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह, डॉ. विकास नारायण उपाध्याय, मुक्तेश्वर प्रसाद सिंह, विनय प्रशांत और प्रभात कुमार पीड़ित परिवार से मिलने घटनास्थल पर पहुंचे। वहां जो देखा, उस निर्धनता का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है। मुहल्ले की ढलुआ पक्की गली से करीब 100 मीटर पश्चिम दो कमरे का एक जर्जर घर। छोटा सा आंगन। सडक से घर तक पहुंचने का रास्ता नहीं। पगडंडी से आना-जाना होता है। अन्य लोगों से हमने घटना के बारे मे जानकारी ली। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मनोज खैनी की दुकान चलाने के अलावा थ्री व्हीलर भी चलाते थे। परिवार पर लाखो का कर्ज था। डेढ कठ्ठे मे जो घर था, उसके आंगन से सटे पश्चिम की 10 धूर जमीन 70 हजार मे बेचकर किसी महाजन को भुगतान किया था। उस जमीन के खरीदार ने अपनी जमीन को आंगन मे ईंट से घेरकर कब्जा कर लिया है। टीम ने इस मामले की यथासम्भव छानबीन के बाद एक रिपोर्ट तैयार की और विद्यापतिनगर प्रखंड के बीडीओ एवं थानेदार को एक स्मारपत्र सौंपा। स्मारपत्र में मृतक के परिवार की दयनीय आर्थिक दशा के मद्देनजर सरकारी स्तर से विशेष व्यवस्था के तहत तत्काल राशन की व्यवस्था कराने, इंदिरा आवास योजना के तहत आवास निर्माण, पारिवारिक लाभ योजना की राशि का भुगतान शीघ्र करने, उक्त घटित घटना के आलोक में थाना विद्यापतिनगर कांड संख्या 72/22 दर्ज किया गया है, जिसकी जांच अविलम्ब पूरी करने की मांग की गयी।