किसानों की खेतिहर जमीन पर दूषित पानी गिराने से फसल हो रही है बर्बाद : समरेन्द्र कुणाल
कटिहार। नगर निगम किसानों की खेतिहर जमीन जबरन दूषित पानी गिरा कर फसल बर्बाद करना चाहती है।शहर के पूर्वी इलाक़े के डेहरिया एवं पश्चिमी सिरनिया पंचायत के चिलमारा, परतेली, जफरगंज, बुदेल, पत्थरबाड़ी, गोलाघाट आदि क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधि किसानों के साथ जल जमाव एवं खेत खलियानों का जायजा लेने दौरान राजद प्रदेश महासचिव समरेंद्र कुणाल ने यह बात कहा कि पंद्रह वर्षों से इलाके के सैंकड़ों एकड़ की खेतिहर जमीनो पर नगर जबरन शहर भर का दूषित पानी गिराती है। जबकि सिरनिय पश्चिम पंचायत के इलाक़े में बिहार सरकार की बड़े बड़े तालाब पोखर है।वर्ष 2015 से किसानों द्वारा इसका विरोध होता आ रहा है। 9 मार्च 2019 में तत्कालीन नगर आयुक्त मेयर उपमेयर जैसे महत्वपूर्ण लोगों ने लिखित समझोता किया गया था। ज्ञापांक 585 के द्वारा तत्कालिन डीएम को भी समझौता का प्रति दिया गया था। समझौता के तहत नगर निगम को शहर का दूषित पानी निकालने के लिए किसानों से भूमि अधिग्रहण कानून के तहत साठ फिट जमीन लेकर उपयुक्त सरकारी पोखर तालाब में ही पानी गिराना था।श्री कुणाल ने कहा कि दिन वर्ष बीत गया अभी तक ड्रेनेज सिस्टम के लिए एक ईंट तक नहीं जोड़ा गया। उन्होने कहा कि रविवार को नगर निगम के एक बड़े अधिकारी अपने अमीन के साथ किसानो से दुर्व्यवहार किया और कहा कि दूषित जल निकासी को कोई भी रोका तो पुलिसिया कार्रवाई होगी। श्री कुणाल ने मामले को लेकर नगर आयुक्त मनोज कुमार से मोबाईल पर बात कर वस्तु स्थिति से अवगत कराया। उन्होने कहा कि जल निकासी के लिए निगम वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए और पानी को सिंचाई के लिए उपयोग करे। सोमवार को नगर आयुक्त के साथ किसानों की बैठक होगी। किसानों के साथ न्यायसंगत निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन होगा।इस अवसर पर कटिहार सदर प्रखंड के उप प्रमुख मो तारिक अनवर स्थानीय मुखिया बबलू मंडल ने भी विरोध किया है।