99 करोड़ 22 लाख से 229 पंचायतों के वार्डों में लगेगी 31 हजार 90 सोलर लाइट
सासाराम। सीएम ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत हर वार्ड में 10 लाइट लगेगी
सात निश्चय पार्ट 2 स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव योजना के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत गांवों में सोलर लाइट लगनी है। गांव की सड़कें और गलियां भी अब शहर की तरह जगमग करेगी। रात में बिजली गुल होने की वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। सोलर स्ट्रीट लाइट से अब फायदा होगा। जिले के 229 पंचायतों के ग्रामीण इलाकों में कुल 3109 वार्ड के 31 हजार 90 चिन्हित बिजली पोल पर सोलर लाइट लगायी जायेगी। इस पर कुल खर्च लगभग 99 करोड़ 22 लाख रुपए आयेंगे। इसकी तैयारी में जिला पंचायत विभाग लगा है। संबंधित कर्मियों का प्रशिक्षण कार्य पूरा हो गया है। तैयारी अंतिम चरण में है। जिले के सभी पंचायतों के प्रत्येक वार्ड में 10-10 सोलर स्ट्रीट लाइट लगेगी। रोशनी पर्याप्त हो इसके लिए हर पोल पर 20 वाट का ट्यूब होगा। इन लाइटों की खासियत यह है कि यदि किसी कारण से 48 घंटे सूर्य की रोशनी नहीं मिलती है, तब भी ये गांवों की गलियों को रोशन करेंगे। जिला पंचायत राज पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि शहरों की तर्ज पर गांव की गलियों और चौराहों को रोशन रखने के मकसद से ये निर्णय लिया गया है। इसमें रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाई जाएगी, ताकि इसकी ऑनलाइन निगरानी की जा सके। जिले के 229 पंचायतों के गांवों में लगायी जाने वाली सोलर स्ट्रीट लाइट के लिए पोलों का सर्वे जिला पंचायत शाखा के माध्यम से पूरा हो गया है। प्रति लाइट लगभग 32 हजार रुपए खर्च किए जायेंगे। गांवों में सोलर लाइट लगने से बिजली की बचत होगी। कार्बन के उत्सर्जन में भी कमी आएगी। जिससे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।
सोलर लाइट योजना में मुखिया का दखल पहले से कम हुआ है। वे योजना की निगरानी तो कर सकते हैं, लेकिन मनमानी नहीं। अब चुनिंदा एजेंसियों से ही सोलर लाइट की खरीद होनी है। इसके लिए स्थल चयन की व्यवस्था भी पहले से अधिक पारदर्शी बनाई गई है। सरकार द्वारा पंचायत के निर्वाचित सभी प्रतिनिधियों को साफ शब्दों में सख्त चेतावनी दी गई है कि कोई भी पंचायत प्रतिनिधि किसी भी परिस्थिति में कहीं भी अपनी इच्छानुसार स्ट्रीट सोलर लाइट लगवाने में मनमानी नहीं करेंगे। इस तरह के काम करने वाले प्रतिनिधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।