सावन के आखिरी सोमवार पर इस एक चीज को जल में मिलाकर जरूर करें भोलेनाथ का अभिषेक
सावन का महीना खत्म होने में अब बस कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. वहीं, 8 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार पड़ रहा है. जहां एक ओर सावन का पूरा महीना भगवान शिव की जयजयकार उनके भजनों से गूंजता है.
वहीं, दूसरी ओर सावन सोमवार पर अपने भोले बाबा के दर्शनों उनकी पुज के लिए भक्तों का अथाह प्रेम घर के साथ साथ मंदिरों में भी जमकर देखने को मिलता है. माना जाता है कि सावन में भगवान शिव की श्रद्धा पूर्वक की गई पूजा से व्यक्ति भक्तों के सभी कष्टों का अंत हो जाता है जीवन में सुख समृद्धि का वास होता है.
8 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार है जो अत्यधिक विशेष है. इसका कारण है इस दिन बनने वाले दुर्लभ शुभ संयोग भगवान विष्णु के परम पावन व्रत का समागम. दरअसल, सावन के आखिरी सोमवार के दिन यानी कि कल 8 अगस्त को श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी है. इस एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, जो भी जातक पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है. अब जब सावन सोमवार एकादशी व्रत एक दिन पड़ रहे हैं तो दोनों ही पर्वों के समागम से इनकी महत्ता भी बढ़ जाती है.
इसके अतिरिक्त, 8 अगस्त को पद्म योग रवियोग का संयोग भी बन रहा है. साथ ही, अभिजीत मुहूर्त भी प्रात: 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहने वाला है.
सावन के आखिरी सोमवार का बेजोड़ उपाय
सावन का आखिरी सोमवार शुभ योगों में होने के कारण बेहद चमत्कारी है. ऐसे में अगर शिव जी की पूजा के दौरान जलाभिषेक से पहले उनके जल में कुछ बूंदे गंगाजल की मिला दी जाएं तो ये अत्यंत शुभ रहेगा. गंगाजल से मिश्रित जिस जल से आप शिव जी का जलाभिषेक करेंगे वो आपको भोले बाबा का विशेष आशीर्वाद दिलाने के साथ साथ रोगों से मुक्ति भी दिलाएग.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.