कानून के डंडे के आगे अतीक, मुख्तार बेबस; शहाबुद्दीन की हो चुकी है मौत, कभी तीनों का था आतंक
प्रयागराज: सिवान के सुल्तान यानी मोहम्मद शहाबुद्दीन, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी के नाम का पहला अक्षर मिलाकर बनता है SAM… यानी शहाबुद्दीन, अतीक और मुख्तार। कभी ये सफेदपोश उत्तर भारत में आतंक का पर्याय थे। इनके एक इशारे पर अपराध की दुनिया में वारे-न्यारे होते थे। तीनों ने अपने तरीके से अरबों का साम्राज्य बनाया था। अब SAM में एस गायब हो चुका है। यानी शहाबुद्दीन की पिछले साल मौत हो चुकी है।अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी पर योगी सरकार ने ऑपरेशन नेस्तनाबूद के तहत कार्रवाई हुई है। अकेले अतीक अहमद की 1600 करोड़ की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चल चुका है।बिहार में आतंक का पर्याय रहे शहाबुद्दीन की पिछले साल कोरोना काल में डेथ हो चुकी है।शहाबुद्दीन हत्या के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। 1 जनवरी 2021 को उसकी कोरोना से डेथ हो चुकी है। शहाबुद्दीन अपराध की दुनिया का बड़ा नाम रहा है। 1986 से महज 19 साल की उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले शहाबुद्दीन को सिवान का सुल्तान कहा जाने लगा था। अपराध की दुनिया में नाम कमाने के बाद शहाबुद्दीन 25 साल की उम्र में बिहार की सक्रिय राजनीति में कदम रखता है। बड़ा नाम बनकर उभरता है। 1990 में होने वाले विधानसभा चुनाव में शहाबुद्दीन निर्दलीय चुनाव लड़कर कैप्टन त्रिभुवन नारायण सिंह हो हरा दिया था। इसके बाद लालू का साथ मिला उसे और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। शहाबुद्दीन के मरने के बाद उसका आपराधिक गठजोड़ टूट चुका है।बाहुबली अतीक अहमद इस समय अहमदाबाद जेल में सजा काट रहा है।अतीक को मिल चुकी है 1600 करोड़ की चोटकई बार विधायक और सांसद रहे अतीक अहमद ने भी अपराध की दुनिया से नाम कमाने के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा। विधायक बने और फिर राजूपाल हत्याकांड से चर्चा में आए। उस पर गंभीर धाराओं में कई दर्जन मुकदमे दर्ज हैं और वर्तमान में अहमदाबाद जेल में बंद है।योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद को अब तक 1600 करोड़ रुपए की आर्थिक चोट पहुंचाई है। योगी सरकार की इस कार्रवाई ने अहमदाबाद जेल में बंद अतीक अहमद की कमर तोड़कर रख दी है।अतीक अहमद की जमीनों पर ही नहीं उनके गुर्गों की जमीनों और अवैध निर्माणों पर भी सरकार ने बुलडोजर चलवाकर माफिया के मंसूबों को ध्वस्त कर दिया है। अतीक के करीबी रिश्तेदारों के अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए सितंबर 2021 में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई थी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने अब तक करीब दो दर्जन अवैध मकान, होटल और कोल्ड स्टोरेज ढहाए हैं। जिन संपत्तियों को ढहाया गया है या अवैध प्लाट को खाली कराया गया है, उनकी कीमत करीब 1500 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। शुक्रवार को भी 24 करोड़ की अवैध कब्जे पर कुर्की की कार्रवाई की गई है।प्रशासन ने अतीक अहमद के दफ्तर को भी जमींदोज कर दिया था।शासन के निर्देश पर 5 सितंबर को शुरू हुआ अभियानशासन ने माफिया और हिस्ट्रीशीटरों के अवैध रूप से तैयार किए गए मकानों, काली कमाई से बनाए गए गेस्ट हाउसों, लॉज आदि को ढहाने का अभियान शुरू करने का आदेश दिया था। इस आदेश के क्रम में पीडीए ने पांच सितंबर 2021 को पहली कार्रवाई प्रयागराज में की थी। अतीक अहमद के रिश्तेदार व हिस्ट्रीशीटर इमरान जई के पानी की टंकी तिराहे पर स्थित अवैध होटल और कार्यालय को ढहा दिया गया था। इसके बाद 7 सितंबर को नवाब यूसुफ रोड, हनुमान मंदिर चौराहा पास, महात्मा गांधी मार्ग पर अतीक के निर्माणाधीन अवैध व्यावसायिक कांप्लेक्स को ढहाया गया था।इसके बाद 17 सितंबर को कटका झूंसी में अतीक के कोल्ड स्टोरेज को नेस्तनाबूद कर दिया गया था। यह कोल्ड स्टोरेज भी नजूल की जमीन पर चल रहा था। इसके बाद प्रयागराज, कौशांबी में अतीक के करीबी रिश्तेदारों और उनके गुर्गों के खिलाफ अवैध निर्माणों को खोज-खोजकर ढहाने की कार्रवाई की गई। अतीक अहमद के दोनों बेटे भी जेल में हैं। उसका छोटा बेटा अली पांच करोड़ की रंगदारी, जान से मारने की धमकी के मामले में फरार चल रहा था। इसी सप्ताह उसने कोर्ट में सरेंडर किया है।मुख्तार अंसारी के नाम 56 मुकदमे दर्ज हैं।बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी पर दर्ज हैं 56 मुकदमेयूपी की बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के खिलाफ विभिन्न जिलों में 56 मुकदमे दर्ज हैं। गाजीपुर जिले के यूसुफपुर मोहम्मदाबाद के मुख्तार अंसारी 1996 से 2017 तक मऊ जिले की शहर विधानसभा सीट से लगातार विधायकी का चुनाव जीतता रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 में मुख्तार के बेटे को अब्बास अंसारी मऊ सदर सीट से जीत मिली है। वह समाजवादी पार्टी गठबंधन सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुआ है।मुख्तार अंसारी की पत्नी आसफा अंसारी के नाम जमीन पर कुर्की की कार्रवाई करती प्रशासन की टीम।आईएस 191 गैंग के लीडर मुख्तार अंसारी की पूर्वांचल में कभी तूती बोलती थी। अधिकारी डर के मारे उसके इशारे पर नाचते थे। अब मुख्तार के बांदा जेल में बंद होने के बाद आईएस 191 गैंग उसकी पत्नी आफसा अंसारी चलाती हैं। गाजीपुर और मऊ पुलिस ने आफसा अंसारी पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। गैरजमानती वारंट भी जारी हो चुका है। उधर, मुख्तार अंसारी की करोड़ों की अवैध संपत्तियों को योगी सरकार जब्त कर चुका है। कई अवैध निर्माण पर बुलडोजर चल चुका है। उसके गुर्गों की लगभग 24 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है। आफसा अंसारी के नाम से गाजीपुर शहर के मोहल्ला गोराबाजार में 191 वर्ग मीटर, रजदेपुर में 162.27 वर्ग और कुंदनपुर में 159 वर्ग मीटर भूमि है। तीनों को मिलाकर 2.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति पर पिछले दिनों कुर्की की कार्रवाई की जा चुकी है। मुख्तार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज है।
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