कोरोना की रफ्तार घटी, 11 दिन में 139 से घटकर 38 हुए एक्टिव मरीज
जगदलपुर: कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम।जिले में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने लगी है। इससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। 10 दिन पहले तक हर दिन 12 से ज्यादा मरीज की पहचान हो रही थी। लेकिन अब यह आंकड़ा लगातार काम हो रहा है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने जिले में एक नए कोरोना मरीज मिलने की पुष्टि की है। करीब एक महीने के बाद कोरोना संक्रमण घटते क्रम में आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने की बात कह रहे हैं।अधिकारियों का मानना है कि इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या में कमी तो आ रही है लेकिन देश के अन्य राज्यों में इस महामारी को देखते हुए जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या कोताही नहीं बरती जा रही है। संक्रमण को देखते हुए लोगों से लगातार जांच कराने की अपील की जा रही है।बीएमओ और कोविड नियंत्रण शाखा के नोडल अधिकारी डॉक्टर वीरेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि जिले में पिछले पांच दिनों से कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने लगी है। यह राहत की बात है। जिले में कोरोना संक्रमण ने जुलाई के अंतिम सप्ताह से जोर पकड़ा था जो 8 अगस्त के बाद लगातार कम हो रहा है। लोगों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दी जा रही है।गौरतलब है कि एक अगस्त को जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 139 थी जबकि 11 अगस्त को यह कम होकर 38 रह गई है। इनमें से 30 मरीजों का इलाज हाेम आइसोलेशन में तो वहीं बाकी के बचे 8 मरीजों का इलाज मेकॉज में चल रहा है।जगदलपुर शहर में मिल रहे सबसे अधिक मरीजजिले में पिछले तीन महीने में जितने भी कोरोना संक्रमित मिले हैं उसमें सबसे ज्यादा शहरी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। बीएमओ ने बताया कि 20 जुलाई से लेकर 10 अगस्त तक मिलने वाले कोरोना के मरीजों में करीब 80 फीसदी संक्रमित शहरी क्षेत्र के हैं। जबकि बाकी के ब्लाकों में केवल 20 फीसदी लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले शहर के एक नर्सिंग कालेज में बड़ी संख्या में छात्राएं एक दूसरे से संपर्क में आने के चलते कोरोना का शिकार हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर में लोग एक दूसरे से ज्यादा संपर्क में आते हैं। इस वजह से शहर में ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं।कोरोना पीडितों में अधिकतर की उम्र 20- 45 सालजुलाई से लेकर अगस्त के बीच फैले कोरोना संक्रमण में हर उम्र के लोग इससे पीड़ित हो रहे थे। लेकिन पिछले 20 दिनों में इस बीमारी का शिकार सबसे अधिक युवा वर्ग के लोग हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की आयु को लेकर पड़ताल की गई तो पाया गया है कि जो मरीज इस समय केस मिले हैं उसमें से करीब 60 फीसदी मरीजों की उम्र 25 से 45 साल की है। इससे पहले अधिकतर मरीज 30-60 साल के बीच होते थे।
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