ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

धरने को पंजाब की 31 जत्थेबंदियों का समर्थन, 25 अगस्त को होगा किसानों का भारी इकट्ठ

जालंधर: फगवाड़ा के गुरुद्वारा ज्ञानसर में बैठक करने वाले किसान नेतापंजाब के किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। फगवाड़ा का शुगर मिल चौक भी अब सिंघु बार्डर में तबदील होगा। शुगर मिल के सामने दिए जा रहे धरने को पंजाब की 31 जत्थेबंदियों का समर्थन मिला है। सभी जत्थेबंदियों की फगवाड़ा में देर रात तक चली बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं।बैठक में निर्णय लिया गया है कि 25 अगस्त को फगवाड़ा मिल चौक पर किसानों का भारी इकट्ठ किया जाएगा। इसमें सिर्फ दोआबा के ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब से किसान आएंगे। किसान नेताओं ने कहा फगवाड़ा शुगर मिल को भी सिंघु बार्डर में तबदील किया जाएगा। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक यहां पक्का मोर्चा रहेगा।इसके अलावा एक अहम फैसला लखीमपुर खीरी हत्याकांड को लेकर भी लिया गया है। किसानों की 31 जत्थेबंदियों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज बुलंद की जाएगी। इसके लिए पंजाब से 10 हजार किसानों का एक जत्था उत्तर प्रदेश में जाएगा और वहां पर जाकर इंसाफ के लिए संघर्ष शुरु करेगा।आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए देर रात तक फगवाड़ा के गुरुद्वारा ज्ञानसर साहिब में चली बैठक में विभिन्न जत्थेबंदियों के नेताओं रुलदू सिंह मनसा, मनजीत सिंह राय, कुलदीप सिंह वाजिदपुर, फुरमान सिंह संधू, बलजीत सिंह, जंगबीर सिंह, मुकेश चंद्र शर्मा, बूटा सिंह बुर्जगिल, सतनाम सिंह अजनाला, रमिंदर सिंह पटियाला, कुलवंत सिंह, अमरीक सिंह, बुद्ध सिंह इत्यादि शामिल हुए।किसान नेताओं ने कहा कि उनकी सरकार से मांग है कि फगवाड़ा शुगर मिल में जो 72 करोड़ रुपया किसानों का फंसा हुआ है उसकी अदायगी करे। फैक्ट्री को अपने कब्जे में लेकर इसका संचालन खुद करे। किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मुख्यमंत्री से इस मुद्दे के लेकर कई बार बैठकें हो चुकी हैं लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है। सरकार में अफसरशाही हावी होने के कारण कोई फैसला नहीं हुआ है।किसानों ने सरकार से यह भी मांग की है कि उनके पशु लंपी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बहुत ज्यादा तादाद में पशु मर रहे हैं। लेकिन सरकार कोई इलाज नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि पशुधन का नुकसान भी किसानों को उठाना पड़ रहा है। सरकार समय पर सही कदम उठाकर पशुओं का इलाज करवाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.