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अगस्त पार कर लें, झारखंड के CM हेमंत सोरेन को BJP की खुली चुनौती

राँची    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अगस्त पार कर लें। भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर यह चुनौती दी है। शेल कंपनी केस में सुप्रीम कोर्ट की ओर से फैसला सुरक्षित रखने के साथ हाई कोर्ट में सुनवाई पर रोक लगने के बाद एक तरफ जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) इसे अपने लिए राहत के रूप में पेश कर रहा है तो गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्विटर पर जवाब में चुनौती दे डाली है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता ने ट्विटर पर सुप्रीम कोर्ट के रुख का जिक्र करते हुए लिखा, ”हमारे मुंगेरीलाल निशिकांत दुबे जी कुछ सुने की नहीं की माननीय सुप्रीम कोर्ट क्या कह रहा है। ख्याली पुलाव की दुनिया से बाहर आइए और माननीय मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन जी के बारे में क्या कहा गया उसे जानिए और सीधा बाबूलाल मरांडी जी के साथ हरिद्वार निकल लीजिए। शायद कुछ पाप धुल जाए।” दुबे ने जवाब देते हुए लिखा,”सौ सुनार की एक लोहार की। मुख्यमंत्री जी अगस्त पार कर लें।”

31 तक उलटफेर की कर चुके भविष्यवाणी

इससे पहले हाल ही में दुमका पहुंचे दुबे ने कहा था कि 31 अगस्त तक कई उलटफेर हो सकते हैं। उन्होंने कहा था कि इस महीने राज्य में बहुत कुछ बदल सकता है। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की थी कि दुमका और बरहेट सीट पर उपचुनाव की नौबत आ सकती है। दुबे ने कहा कि दुमका में चार दशक से एक ही परिवार का कब्जा है और अब यह खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से लेकर, हाई कोर्ट, लोकपाल और अवैध माइंस, भ्रष्टाचार समेत अन्य मामलों में आदेश आने वाला है।

शेल कंपनी केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री के करीबियों के शेल कंपनी चलाने और सीएम को खनन लीज आवंटित करने के मामले की सुनवाई बुधवार को पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। मामले में झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। इस पर जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट्ट और जस्टिस सुधांशु धुलिया की अदालत ने सुनवाई की। अदालत ने दोनों याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक भी लगा दी है।

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