ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

कुंडली में मौजूद ये एक योग बना सकता है आपको भव्य भवन का मालिक

आज के समय में सभी अपने घर का सपना देखते हैं. एक ऐसा घर जिसमें व्यक्ति अपने परिवार के साथ खुशियां समेट कर जीवन भर जिंदगी बसर कर सके. इस सपने को पूरा करने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते.

इस एक सपने के लिए लोग जी जान लगा देते हैं कड़ी मेहनत करते हैं कि बस उतना धन कमा सकें कि अपना एक घर रूपी खुशियों का आशियां बना सकें. लेकिन जहां एक तरफ कड़ी मेहनत के बाद भी कुछ लोगों के लिए यह इच्छा मात्र एक सपना बनकर ही रह जाता है. वहीं, कुछ लोग कम समय में ही अपना ये सपना साकार कर लेते हैं यानी कि बड़ी आसानी से उन्हें घर मिल जाता है. ज्योतिष के अनुसार, ऐसा कुंडली में मौजूद योगों के कारण होता है. यानी कि कुछ योग ऐसे होते हैं जो घर निर्माण में अत्यंत सहायक होते हैं जिससे व्यक्ति कम मेहनत समय में ही अपना घर हासिल कर लेता है. आइए जानते हैं उन योगों के बारे में.

– किसी व्यक्ति की कुंडली में खुद का घर बनाने की जानकारी उसके चतुर्थ भाव का अध्यन करके पता की जा सकती है. चतुर्थ भाव चल-अचल संपत्तियों का मुख्य घर माना जाता है.

– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में चतुर्थ भाव का स्वामी लग्न स्वामी के साथ मौजूद हो उसका आय का भाव भी वही हो तो उस व्यक्ति के पास एक से अधिक घर हो सकते हैं.

– कुंडली में यदि पराक्रम भाव में बुध स्थित हो चतुर्थ घर का स्वामी भी सुस्थिर हो तो वह व्यक्ति अपने लिए बहुत सुंदर घर का निर्माण करवाने में सफल होता है.

– कुंडली में चौथे घर का स्वामी स्व-नवांश में हो या उच्च राशि का हो तो व्यक्ति को भूमि, गृह वाहन का सुख प्राप्त होता है.

– वहीं, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो ग्रह चौथे घर में स्थित होते हैं, उनके पास भी संपत्ति प्रदान करने की शक्ति होती है.

– यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के चौथे भाव का स्वामी मंगल शनि या फिर शुक्र से युक्ति में हो तो जातक को अपना घर प्राप्त होता है.

– इसी तरह खुद का घर खरीदने के लिए मंगल, शुक्र बृहस्पति की दशा की अवधि अनुकूल होती है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.