घर-घर आटा पहुंचाने का जिम्मा मार्कफेड को जीपीएस और कैमरे लगे वाहन करेंगे डिलिवरी
चंडीगढ़: स्कीम का आगाज पंजाब में 1 अक्टूबर से हो रहा है।स्मार्ट कार्ड धारकों के घर तक आटा पहुंचाने की स्कीम का आगाज पंजाब में 1 अक्टूबर से हो रहा है। इसके लिए सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। हर महीने 75 हजार मीट्रिक टन आटा घर-घर पहुंचाया जाएगा। गेहूं की पिसाई के लिए मार्कफेड ने 25 कंपनियों का चयन किया है। सूबे को 8 जोन में बांटा गया है।जीपीएस व कैमरे लगे वाहन स्मार्ट कार्ड धारकों के घर आटा पहुंचाएंगे। इसमें वजन तोलने की मशीन भी होगी। सरकार ने गेहूं मुहैया करवाने के लिए पनग्रेन की ड्यूटी लगाई है। गेहूं की पिसाई कर आटे को घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी मार्कफेड की होगी।हर माह 1.58 करोड़ लाभपात्रियों को घर पर डिलिवरी दी जाएगी। इसके लिए ट्रांसपोर्टेशन के टेंडर भी हो चुके हैं। फूड सप्लाई, पनग्रेन व मार्कफेड विभाग लाभपात्रियों के हर घर का डाटा इकट्ठा करने में जुटे हुए हैं। यह डाटा ऑनलाइन अपडेट होगा। लाभपात्री को गेहूं लेना है या आटा, इसकी सूचना उसे 15 दिन पहले पोर्टल पर या फिजिकल तौर पर फूड सप्लाई विभाग को देनी होगी।आटे का वजन कम हुआ तो जिला अफसर जिम्मेदारपांच किलो आटा मुफ्त सप्लाई किया जाएगा या नॉमिनल चार्ज देने होंगे, यह कैबिनेट मीटिंग में तय किया जाएगा। सरकार ने यह बात साफ कर दी है कि कहीं भी किसी पैकेट से एक ग्राम भी आटा कम हुआ तो इसकी जवाबदेही जिला अफसरों की होगी। सरकार एक अक्टूबर से इस सुविधा का दावा कर रही है।इस सुविधा के बाद डिपो होल्डरों का क्या होगा, इसको लेकर अभी से चर्चाएं शुरू हो गई है। पंजाब में 16 हजार से अधिक डिपो होल्डर हैं। उनको प्रति लाभपात्री कमीशन मिलती है। पहले आटा-दाल स्कीम तहत स्मार्ट कार्ड धारकों को 2 रुपए किलो के हिसाब से 5 किलो गेहूं प्रति महीना दी जाती थी।जिला स्तर पर टीमें गठित, डिपो कायम रहेंगेआटा दाल स्कीम को लेकर तैयारी मुकम्मल है। जिला स्तर पर टीमों के अंतिम रूप दिया गया है। योजना लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लाभपात्री की सुविधा के लिए पोर्टल पर शिकायत नंबर भी होंगे। लाभपात्री सीधे सीएम और अन्य अधिकारियों को शिकायत कर सकते हैं। डिपो पहले की जारी रहेंगे।
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