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मछली मारने के विवाद में हुई थी हत्या, 20 वर्ष बाद आया फैंसला

आजमगढ़: आजमगढ़ जिले की कोर्ट ने हत्या के मामले में सुनाई 10 वर्ष की सजा।आजमगढ़ जिले में गैर इरादतन हत्या के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को दस वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक बी डी भारती ने मंगलवार को सुनाया। अभियोजन कहानी के अनुसार दीदारगंज थाना क्षेत्र के सदरपुर कैथौली गांव का फूलचंद रिक्शा ठेला चलाता था। फूलचंद 21 अक्टूबर 2002 की शाम छह बजे रिक्शा ठेला खड़ा करके घर वापस आ रहा था। तभी मछली मारने की रंजिश को लेकर गांव के ही प्रदीप पुत्र बहादुर तथा प्रदीप के नाबालिग भाई ने फूलचंद को लकड़ी के डंडे से फूलचंद को बुरी तरह से मारा पीटा। घायल फूलचंद की 24 अक्टूबर को जिला अस्पताल में मृत्यु हो गई।दीदारगंज थाने में दर्ज हुआ था मुकदमाइस मामले में जिले के दीदारगंज थाने में मृतक फूलचंद की पत्नी ने दोनो हमलावरों के विरुद्ध दीदारगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दी। एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसके पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। शासकीय अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद पांडेय ने अजय कुमार ,सुरेश ,इंद्रावती ,डॉ राजेंद्र कुमार ,डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह ,दिलीप कुमार पांडेय तथा हीरालाल सिंह यादव को बतौर साक्षी अदालत में परीक्षित कराया दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी प्रदीप को दस वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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