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समूह को छोड़कर मछुवारे को दिया तालाब का पट्टा, समूह ने तालाब में डाल दिया बीज

बैतूल: आठनेर तहसील क्षेत्र के खोदरी ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम रजोला के आदिवासी स्व सहायता समूह ने आदिवासी स्व सहायता समूह को मछली पालन की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के सुनील कवड़े के नेतृत्व में ग्राम सरपंच एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं ने कलेक्टर के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बताया कि महिला स्व सहायता समूह द्वारा मछली पालन के लिए बैंक से 4 लाख का लोन लिया गया है। समूह द्वारा 3 लाख 50 हजार का मछली बीज तालाब में डाला जा चुका है,इसके बावजूद भी आदिवासी महिला स्व सहायता समूह के स्थान पर मांडवी के किसी मछुआरे को तालाब मछली पालन के लिए स्वीकृत कर दिया गया।महिलाओं का कहना है कि ऐसी स्थिति में समूह को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। वही इन महिलाओं के सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हो जाएगा, साथ ही बैंक से जो कर्ज लिया है उसे चुकाने में भी असमर्थ रहेंगे।इन सभी परिस्थितियों से समूह ने आम आदमी पार्टी नेता सुनील कवड़े को अवगत करा कर इस मुद्दे को कलेक्टर के समक्ष रखा है और उचित कार्यवाही करने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत द्वारा पूर्व में 20 मार्च को आठनेर जनपद पंचायत में दुर्गा स्व सहायता समूह को मछली पालन की अनुमति प्रदान करने की सूचना दी गई थी। इस समूह द्वारा मछली पालन के लिए नियमानुसार रसीद भी काटी गई है। इसके बावजूद अन्य मछुआरे को तालाब स्वीकृत करवाने के चलते समूह की महिलाओं के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गई है।

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