नगर निगम 80 वर्षीय नागरिक को मुआवजा दे
दिल्ली| हाईकोर्ट ने बेतरतीब निर्माण और एक नाले के पानी के चोक होने के कारण 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक के घर हर मानसून में पानी भरने के लिए दिल्ली नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। अदालत ने कहा यह सुनिश्चित करना कि सार्वजनिक जल निकासी प्रणाली पूरी तरह से काम कर रही है और नालियों के चोक होने वाले तलछट के अवरोध से बचाना एमसीडी का काम है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एमसीडी ने न केवल जलभराव को मुद्दा बनाया है, बल्कि उचित उपाय न करके स्थिति को बढ़ा दिया है। अदालत ने एमसीडी को उक्त बुर्जुग को 9 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।मुख्य न्यायाधीश सतीश चन्द्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने अपने फैसले में एमसीडी को फटकार लगाते हहुए कहा कि एमसीडी निवासियों को यह तर्क नहीं दे सकती कि चूंकि तूफान के कारण नालियां बंद हैं कुछ भी नहीं किया जा सकता है। अदालत ने कहा ऐसा तर्क रख एमसीडी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में बुरी तरह विफल रही है क्योंकि उसने स्वीकार किया है कि उसने एक के ऊपर एक सड़कें बिछाई हैं जिससे सड़कों की ऊंचाई बढ़ती जा रही है जो नहीं होनी चाहिए थी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.