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सर्विलांस के माध्यम से हुई मिजिल्स के 29 और रुबेला के 14 रोगियों की पहचान

जौनपुर: बीमारियों के बचाव के बारे में जागरूक करती सीएमओ डॉक्टर लक्ष्मी सिंह।जौनपुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में जनपद के समस्त निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों की नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें टीकाकरण के माध्यम से बचाई जाने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में यह जानकारी दी गयी कि जनपद में इस वर्ष जनवरी से अब तक पोलियो, डिप्थीरिया और टिटनेस के एक भी रोगी नहीं पाए गए जबकि मिजिल्स के 29 और रुबेला के 14 रोगी चिह्नित किए गए हैं।12 बीमारियों से बचावस्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से आयोजित कार्यशाला को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेन्द्र सिंह ने संबोधित किया । उन्होंने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से जनहित में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम अनवरत चलाया जा रहा है।इसमें बच्चों और गर्भवती का हर बुधवार और शनिवार को सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही ग्रामीण टीकाकरण सत्रों पर टीकाकरण हो रहा है। इसके माध्यम से 12 जानलेवा बीमारियों से बच्चों व गर्भवती का बचाव किया जा रहा है। यह जानलेवा बीमारियां पोलियो, पीलिया, गलाघोंटू, कालीखांसी, टिटनेस, वायरल न्यूमोनिया, बैक्टीरियल न्यूमोनिया, डायरिया, जापानी मस्तिष्क ज्वर, रुबेला, मिजिल्स आदि हैं।मृत्यु दर में कमीस्वास्थ्य विभाग के सक्रिय रहकर लगातार टीकाकरण कराने के बाद समुदाय में इस तरह की बीमारियां अब बहुत कम हो गई हैं तथा इनके माध्यम से होने वाली मृत्यु दरों में घटाव जारी है। स्वास्थ्य विभाग इन बीमारियों का सर्विलांस भी कराता है ताकि पता चल सके कि टीकाकरण के प्रभाव से यह बीमारियां कितनी कम हो रहीं हैं। इसमें आशा कार्यकर्ता से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पताल के माध्यम से इन बीमारियों के मरीजों की सूचनाएं एकत्रित कर मुख्यालय को भेजी जाती है।कौन रहा मौजूदसर्विलांस में जनपद के रजिस्टर्ड प्राइवेट चिकित्सालयों की भूमिका अहम है क्योंकि उनके माध्यम से भी इन बीमारियों की सूचना सीएमओ कार्यालय को दी जाती है। कार्यशाला में यूनीसेफ के जिला मोबलाइजेशन समन्वयक (डीएमसी) बलवंत सिंह, यूएनडीपी के वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर (वीसीसीएम) शेख अबजाद, चाई के जिला समन्वयक शिशिर रघुवंशी आदि उपस्थित रहे।

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