10 साल बाद खाली कराए 3 जर्जर हॉस्टल; अब रिपेयरिंग के लिए चाहिए पैसा
वाराणसी: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का मुख्य भवन।संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने एकेडमिक्स में संस्कृत भाषा और साहित्य को बचाने की गुहार लगाई है। कहा कि देववाणी को बचा लीजिए। विश्वविद्यालय की माली हालत बेहद दयनीय है। विभाग से लेकर हॉस्टल तक के भवन जर्जर हो गए हैं। इसे ठीक करने के लिए राज्यपाल और चांसलर आनंदी बेन पटेल ने सभी मठाधीशों, बिजनेसपर्सन, नेताओं और धर्माचार्यों से सहयोग करने की अपील की थी। कुलपति ने कहा कि देववाणी भाषा संस्कृत के इस केंद्र को चलाने और जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए लोग आगे आएं।प्रो. हरेराम त्रिपाठी, कुलपति, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय।प्रो. हरेराम ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी योग साधना केंद्र का समुचित जीर्णोद्धार और मॉडर्न कराने का आश्वासन दिया है। उनकी मांग पर प्रपोजल भी बनाकर उन्हें भेज दिया गया है। प्रसिद्ध वास्तुविद इंजीनियर आरसी जैन नवीन छात्रावास की मरम्मत करांएगे।विश्वविद्यालय का जर्जर गेट।तीन हॉस्टलों को किया सीलइससे पहले आज संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने अपने तीन जर्जर हॉस्टलों को खाली कराकर सील कर दिया है। नवीन छात्रावास, शोध छात्रावास और गंगानाथ झां से छात्रों को निकाल दिया गया। करीब 10 साल के बाद संस्कृत विश्वविद्यालय का गंगानाथ झां हॉस्टल खाली कराने में सफलता मिली है। इसमें जिला प्रशासन का सहयोग लिया गया।हॉस्टल के लिए की गई थी 25 लाख की घोषणाकुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी का कहना है कि तीनों हॉस्टलों का जीर्णोद्धार कराना था। सभी भवन जर्जर हो गए थे। सुरक्षा की लिहाज से ठीक नहीं था। गिरने का खतरा मंडरा रहा था। इसलिए कड़ाई पूर्वक हॉस्टल वाश आउट कराना पड़ा। बता दें कि हॉस्टलों के रख-रखाव और रिपेयरिंग के लिए पिछले महीने प्रदेश सरकार के मंत्री ने 25 लाख रुपए देने की घोषणा भी की थी।अब नियम से आवंटित होंगे हॉस्टलकुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के तीन हॉस्टलों का जीर्णोद्धार कराकर स्वच्छ और सुंदर बनाएंगे। इसके बाद नियमानुसार छात्रों को आवंटित किया जाएगा।2 दिन बढ़ी बी-वॉक फॉर्म भरने की डेटवाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अब 22 सितंबर तक बैचलर ऑफ वोकेशनल कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं। कोर्स के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तारीख बढ़ा दी गई है। अभी तक लास्ट डेट 20 सितंबर था, जिसे आगे बढ़ाकर 22 सितंबर कर दिया गया है।बता दें कि वाराणसी के पंडित दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र पर 20 अगस्त से ही फॉर्म मिल रहा है। इस कोर्स में एडमशिन लेने वाले छात्रों को बीच में ही कोर्स छोड़कर जाने की अनुमति होगी। उसे उतनी ही पढ़ाई की डिग्री मिल जाएगी। इसमें “ज्योतिष एवं कर्मकांड” और ‘वास्तुशास्त्र’ और ‘आंतरिक साज-सज्जा’ कोर्स चलेगा। आयु की कोई सीमा नहीं है।
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