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मानिकपुर के जंगलों में रिटायर्ड फौजी दे रहे अग्निवीर की ट्रेनिंग, छात्राएं भी है शामिल

मानिकपुर: बुंदेलखंड के सबसे बड़े डकैत प्रभावित इलाके चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र में कभी डकैत ददुआ, कभी ठोकिया, बलखड़िया,और बबली कोल जैसे बड़े डकैतों का आतंक हुआ करता था। जहां रात तो क्या दिन में भी आम और खास लोग गुज़रने में सिहर उठते थे।आज उसी जंगलों में देश सेवा की तैयारियां हो रही हैं। गरीबी और बेरोज़गारी का आलम ऐसा था कि यहां के युवा राह भटक जाते थे और गैंग में भर्ती हो जाते थे। लेकिन, आज डकैतों के खात्मे के बाद खौफ खत्म हुआ और माहौल बदला। लोग जागरूक हुए और धीरे धीरे देश सेवा की तरफ युवाओं के दिल जज़्बा पैदा होने लगा।अग्निवीर में भर्ती होने के लिए दौड़ लगाते छात्र-छात्राएं200 से ज्यादा छात्र-छात्राएं ले रहे ट्रेनिंगचित्रकूट का पाठा क्षेत्र हो या फिर देवांगना घाटी इन सभी जगहों पर कभी डकैतों की दहशत हुआ करती थी। अब वहां पर युवा अग्निवीर बनने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। युवाओं को सेवानिवृत्त फौजी एसएन मिश्रा और संतोष कुमार 200 से ज्यादा लड़के लड़कियों को निःशुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं। जिसमें तक़रीबन एक दर्जन युवती हैं।इस दौरान वे पाठा के जंगलों से सड़कों तक का सफर करते हैं।वंदे मातरम के जयकारे सुनाई देते हैंडकैतों की शरणस्थली मानिकपुर व कर्वी की देवांगना घाटी के जंगलों में अब गोलियों की आवाज नहीं, भारत माता की जय व वंदे मारतम् की गूंज सुनाई देती है। युवाओं को देश की सेवा के गुण मारकुंडी के रहने वाले पूर्व फौजी प्रदीप शुक्ला तो वहीं देवांगना में एसएन मिश्रा और सन्तोष कुमार क्षेत्र में यूथ आइकॉन बने हैं। रिटायर्ड फौजियों द्वारा दौड़ से लेकर आर्मी में होने वाली सभी ट्रेनिंग दी जा रही हैं।छात्राएं भी बेहद उत्सुकता से इस ओर आगे बढ़ रही हैं।रिटायर्ड फौजी सिखा रहे भर्ती के गुरफौजी सन्तोष कुमार बताते हैं कि युवाओं में अग्निवीर बनने की ललक बढ़ी है। उनकी अकादमी में मारकुंडी, बराह, गोपीपुर,डोडा माफी, टिकारिया, बभियां, सरैया, रानीपुर व सकरौहा आदि बीहड़ के गांवों समेत बांदा जनपद के युवा भी प्रशिक्षण ले रहे हैं। फौजी एसएन मिश्रा ने बताया कि उन्होंने सेना से सेवानिवृत होने के बाद से ही संकल्प लिया था कि बीहड़ के युवाओं को देश की सेवा के लिए तैयार करेंगे। सेवानिवृत्त होने के बाद कोरोना महामारी आई फिर भी उनके यहां युवाओं में प्रशिक्षण का जोश कम नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इन दिनों 200 युवक और युवती ट्रेनिंग ले रही हैं।एक दर्जन से ज्यादा छात्राएं भी शामिलसेवानिवृत्त फौजी एसएन मिश्रा ने कहा कि एक वक्त में चित्रकूट में डकैतों का आतंक हुआ करता था और बेरोजगारी का फायदा उठाकर युवाओं को गैंग की तरफ ले जाया जाता था। अब हम इनको ट्रेनिंग देकर देश सेवा की तरफ बढ़ावा दे रहे हैं। इन बच्चों की शक्तियों का उपयोग हम भारत सेवा में करेंगें। अब हम ये दावा करते हैं कि कोई युवा गैंग में भर्ती नहीं होगा सारे बच्चे सेना में भर्ती होंगे। देश सेवा का जज़्बा लिए छात्रा ममता त्रिपाठी का कहना है कि हम सुबह 4 बजे से इन जंगलों में आते हैं और अपने दोनों फौजी ट्रेनर से अग्निवीर के गुर सीखते हैं।

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