गनवाही गांव के परिवारों को नहीं मिली राशि; घर तक पहुंचा मुड़की बांध का पानी
डिंडौरी; अफसर बोले- कागज दिखाकर कार्यालय से मुआवजा ले जाएं ग्रामीण डिंडौरी जनपद पंचायत क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा मुड़की बांध बनवाया है। इसके सभी विस्थापिताें को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। बारिश में बांध भरना से उसका पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। गनवाही गांव के परिवार अब भी गांव में रह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अफसरों ने अब तक उन्हें घर का मुआवजा नहीं दिया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण कार्यालय आएं, अपने कागज दिखाएं और मुआवजा ले जाएं।सड़क डूबी, मवेशियों की मुसीबतगनवाही गांव के रूपा लाल यादव ने बताया कि उनके अलावा कन्हैया यादव, रतन यादव, लक्ष्मण यादव, माखन यादव और उर्मिला यादव परिवार यहां रह रहे हैं। इन परिवारों में लगभग 36 सदस्य रहते हैं। जल संसाधन विभाग ने बांध बनवाया और हमारी जमीन डूब गई। जमीन का मुआवजा तो मिल गया है, लेकिन घरों का मुआवजा नहीं मिला है। बांध के पानी का भराव लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क पर दो फीट तक पानी भर चुका है। घरों के किनारों तक पानी पहुंच गया है। मवेशियों को चराने ले जाने में समस्या हो रही है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बांध में पानी ऐसे ही भरता रहा तो समस्या बहुत हो जाएगी। अभी तो किसी तरह काम चल रहा है।बांध के पानी से पुलिया क्षतिग्रस्तमुड़की बांध में लगातार पानी बढ़ रहा है, गेट खोले नहीं गए हैं। बेस्टबियर से पानी बह रहा है, उससे विनोदी, कुडदर, बैगान टोला को जोड़ने वाली सड़क की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीण अल्ली खान का कहना है कि पानी इतनी तेजी से आता रहा तो सड़क भी क्षतिग्रस्त हो जाएगी। ऐसे में तीन गांव का संपर्क कट जाएगा।कार्यालय से ले लें मुआवजाअपर कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा को मामले के बारे में बताया तो उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को मुआवजा राशि जारी करने के निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग के एसडीओ सुरेश बिटले ने बताया कि गनवाही के 40 परिवारों को जमीन का मुआवजा दिया है। कुछ को घरों का भी मुआवजा दे दिया गया है। पुनर्वास का रुपया तो ले ही चुके हैं। कुछ लोग ही बाकी हैं, वो ऑफिस आएं कागज दिखाएं, उनका मुआवजा भी दे दिया जाएगा।
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