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क्षत्रिय को हमेशा न्याय के साथ खड़ा होना चाहिए, यही क्षत्रिय धर्म हैं- घनश्याम सिंह, विधायक

हरदौल पूजन,शस्त्र पूजन के साथ मना दशहरा पर्व, शहर में निकला चल समारोह
दतिया। क्षत्रिय को हमेशा न्याय के साथ खड़ा होना चाहिए, यही क्षत्रिय धर्म हैं। हम गरीबों,कमजोर वर्ग का सहारा बने। जो हमारी ओर मदद की उम्मीद से देखे उसकी मदद करें यही हमारी परंपरा है, तभी हम क्षत्रिय कहलाने के हकदार हैं। यह विचार सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह ने क्षत्रिय समाज द्वारा किला परिसर दतिया में बुधवार को आयोजित दशहरा मिलन एवं दशहरा चल समारोह कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर कही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराजा दतिया अरुणादित्य देव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कुँअर शिवम प्रताप सिंह, कुँअर राघवेंद्र सिंह परिहार एवं करन सिंह बुंदेला उचाड मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम के चित्र का पूजन एवं शस्त्र पूजन कर किया गया।
विशिष्ट अतिथि श्री परिहार ने समाज के युवाओं से कहा कि उन्हें नशा से दूर और सनातन धर्म,पुरातन सँस्कृति के करीब रहना होगा, तभी देश और समाज सशक्त होगा।
कार्यक्रम की रुपरेखा कुँअर माघवेंद्र सिंह परिहार ने रखी, संचालन पत्रकार शैलेन्द्र सिंह बुंदेला ने तथा आभार धर्मेंद्र सिंह चौहान ने व्यक्त किया।
 मंचासीन अतिथियों का फूलमालाएं पहनाकर स्वागत रवि ठाकुर वरिष्ठ पत्रकार, विक्रम सिंह बुंदेला बाबा, नारायण सिंह कटारिया एडवोकेट, सुभाष राजा परमार, रामरूप सिंह परिहार, ब्रजेन्द्र सिंह बैस, मनोहर सिंह सलैया पवार, केशव सिंह परमार, प्रताप सिंह परमार जिगना, वीरेंद्र सिंह मम्मू ठाकुर, रिंकू बुंदेला, नवनीत शाह वापा साहब, राजपाल सिंह परमार नोनेर, हेमंत सिंह परिहार, सूरज सोलंकी, कुलदीप राजा परमार, शंभुराजा परमार,कृपाल सिंह बुंदेला, गिर्राज सिंह बुंदेला, डग्गी राजा पूर्व पार्षद, श्यामपाल सिंह परमार, महेंद्र सिंह परमार, राहुल राजा सेंगुवा के अलावा कार्यक्रम आयोजक क्षत्रिय लोक कल्याण समिति के सदस्य करन सिंह दाऊ, विजय सिंह बुंदेला, अजय प्रताप परिहार, जितेंद्र सिंह बैस, उदय राजा, प्रवल राजा परमार, विक्रमादित्य सिंह परिहार, अनुराग सिंह ने किया।
इसके पश्चात डीजे बैंड के गाजे बाजे के साथ भव्य चल समारोह किला प्रांगण से शहर के मुख्य मार्गों पर निकला। चल समारोह में अश्व सवार क्षत्रिय धर्म ध्वज हाथों में थामे हुए थे, चल समारोह के सबसे पीछे भगवान श्रीराम की झांकी प्रदर्शित की गई।
चल समारोह किला चौक, दारुगर की पुलिया, बिहारी जी रोड, तिगेलिया बाजार , टाउनहॉल, बड़ा बाजार होते हुए वापिस किला चौक पर समापन हुआ।
दशहरा चल समारोह में सभी क्षत्रिय कतारबद्ध होकर निकले। जगह जगह पुष्प वर्षा से चल समारोह का नागरिकों ने स्वागत किया।
अंत में कान्हा वाटिका में सभी समाज बंधुओं के सहभोज का आयोजन किया गया।
विधि विधान से हुआ हरदौल पूजन –
दशहरा पर्व की शुरुआत सुबह 10 बजे बुंदेलखंड के लोकदेवता वीर लाला हरदौल के पूजन के साथ हुई। हरदौल मंदिर पहुंच कर महाराज घनश्याम सिंह विधायक एवं महाराजा अरुणादित्य देव ने विधि विधान से हरदौल महाराज का अभिषेक कर पूजा अर्चना की।
बालक आर्यवीर का हुआ सम्मान-
चल समारोह में शामिल होने आए एक दर्जन क्षत्रियों को साफा बाधने के लिए बालक आर्यवीर सिंह परमार बिलहरी को मुख्य अतिथि महाराज घनश्याम सिंह द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से
महेश प्रताप सिंह परमार, भगवान सिंह बुंदेला,लक्ष्मण सिंह बुंदेला, पुष्पेंद्र सिंह मझलेराजा, जयवेन्द्र सिंह परिहार, महिपाल सिंह एडवोकेट, मंगल सिंह परमार, राहुलदेव,
 जितेंद्र बुंदेला, शिवम सिंह,अमन सिंह बुंदेला, अरविंद सिंह परमार सुंदरपुरा, सोनू चौहान इन्दरगढ़, मान सिंह चौहान, मुन्ना राजा नोनेर, बब्बूराजा परमार नोनेर, वलवीर सिंह पठारी, टिंकू राजा छता, जितेंद्र पठारी, धर्मेंद्र परमार उदग्वां, रिंकू राजा परमार, छत्रपाल सिंह डांग करैरा, गौरव राजा नोनेर, तूफान सिंह परमार, पुखराज सिंह बुंदेला, गुननी राजा परमार, सागर राजा परमार, यशवंत सिंह परमार, पुष्पेंद्र सिंह परमार, संजू राजा परमार, अज्जू राजा परमार, अमित सिंह सूर्यवंशी,
राजू राजा जिगना, गजेंद्र सिंह चक्क, अमित राजा, सोनू राजा, सरकार राजा, विक्रम सिंह नातीराजा, माधो सिंह बुंदेला, नरेंद्र सिंह बुंदेला, विवेक राजा बुंदेला, भूकंप सिंह, अभिराज सिंह बुंदेला, जितेंद्र बुंदेला भासड़ाकला, करन सिंह बैस, भूपेंद्र सिंह, प्रतिपाल सिंह हथलई, केपी राजा, सोलंकी जी हिनोतिया, लोकपाल सिंह बुंदेला, प्रतिपाल सिंह, सनमान सिंह, रवि राजा बुंदेला, सोनू राजा अम्बावाय, मोनू राजा, बब्बू दाऊ, शिवप्रताप सिंह दाऊ, सहित बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के युवा एवं बुजुर्ग शामिल हुए।

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