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वंशानुगत तालाबों पर कर लिया कब्जा, रायकवार समाज​​​​​​​ के लोग काम करने पहुंचे, तो दबंगों ने भगाया

छतरपुर (मध्य प्रदेश): छतरपुर जिला मुख्यालय के पास गांव खौप में एक जल सरोवर खौप तालाब में मुकेश उद्योग सहकारी मर्यादित समिति पंजीकृत है। मछुआरे मछली पालन कृषि और सिंघाड़े की खेती करते हैं, लेकिन इस पंचायत के कुछ दबंगों ने वंशानुगत तालाबों पर कब्जा कर लिया है। रायकवार समाज के लोग काम करने पहुंचे तो दबंगों ने वहां से भगा दिया। इस बात से नाराज होकर सामाजिक सहयोगी जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे।रायकवार समाज के वरिष्ठ नेता और माझी आंदोलन के महासचिव सुंदर लाल रैकवार ने ज्ञापन दिया। उन्होंने कलेक्टर छतरपुर को बताया कि मछुआ नीति में यह अधिकार पंजीकृत समितियों को दिए गए हैं कि जितनी जमीन की लीज राशि वंशानुगत मछुआरे पंजीकृत समितियां जमा करती हैं, वह जमीन मछुआरों के संवैधानिक अधिकार के दायरे में हैं। इसके बावजूद भी राजनीतिक संरक्षण प्राप्त दबंग मछुआरों को प्रताड़ित करते हैं।संवैधानिक अधिकार प्राप्त मछुआरों को दें राहतसुंदर रैकवार (समाजसेवी और सामाजिक नेता) ने कहा कि कलेक्टर छतरपुर से मांग की है कि दबंगों पर कार्रवाई करें और संवैधानिक अधिकार प्राप्त मछुआरों को राहत दिलाएं। फिशरमैन मछुआ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अरविंद रैकवार संघर्ष समिति महामंत्री मोतीलाल रैकवार सहित सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

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