विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले चलेगा आंदोलन, ऊर्जा विभाग के आला अधिकारियों को भेजा नोटिस
लखनऊ; बिजली विभाग में इंजीनियर और कर्मचारी एक बार फिर प्रबंधन से दो – दो हाथ करने की तैयारी में है।पावर कॉर्पोरेशन के संगठन एक बार फिर से सरकार से खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। मांगों पर सकरात्मक रिजल्ट नहीं आने पर आंदोलन की चेतावनी जारी हुई है। मंगलवार को पावर कॉर्पोरेशन के फिल्ड हॉस्टल से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक की गई। बैठक में तय किया गया कि 29 नंबवर से कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। समस्त ऊर्जा निगमों में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने की नोटिस अपर मुख्य सचिव(ऊर्जा) को भी भेज दी गई है।इंजीनियरों ने बताया कि बार – बार वार्ता के बाद भी उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई न होने की वजह से नोटिस जारी किया है।इसमें साफ कर दिया गया है कि किसी भी स्थिति में कर्मचारी समझौता करना नहीं चाहते है। उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन और बड़ा होगा।29 से पहले ऐसे होगा आंदोलन17 नवम्बर 2022 को लखनऊ में शक्ति भवन मुख्यालय पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शान्तिपूर्वक सामूहिक सत्याग्रह व प्रदर्शन करेंगे।21 नवम्बर 2022 को राजधानी लखनऊ सहित समस्त जनपदों व परियोजनाओं पर दोपहर 03 बजे से 5 बजे तक विरोध सभा।22 नवम्बर 2022 से नियमानुसार कार्य आन्दोलन शुरू होगा। इसमें माननीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।28 नवम्बर शाम पांच बजे मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा।प्रमुख मांग9 वर्ष, कुल 14 वर्ष एवं कुल 19 वर्ष की सेवा के बाद तीन प्रमोशन वेतनमान दिया जाए।निर्धारित चयन प्रक्रिया के अन्तर्गत चेयरमैन, प्रबन्ध निदेशकों व निदेशकों के पदों पर चयन किया जाएसभी बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएट्रांसफार्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लिए जाए765/400/220 केवी विद्युत उपकेन्द्रों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से चलाने का निर्णय रद्द किया जाएपारेषण में जारी निजीकरण प्रक्रिया निरस्त की जाएआगरा फ्रेंचाईजी व ग्रेटर नोएडा का निजीकरण रद्द किया जाएऊर्जा कर्मियों की सुरक्षा के लिए पावर सेक्टर इम्प्लॉइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाएतेलंगाना, पंजाब, दिल्ली व उड़ीसा सरकार के आदेश की भांति ऊर्जा निगमों के समस्त संविदा कर्मियों को नियमित किया जाएबिजली कर्मियों को कई वर्षों से लम्बित बोनस का भुगतान किया जाएभ्रष्टाचार एवं फिजूलखर्ची रोकने हेतु लगभग 25 हजार करोड़ के मीटर खरीद के आदेश रद्द किए जाए व कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर की जाएबैठक में यह लोग शामिल रहेराजीव सिंह, प्रभात सिंह, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, जीबी पटेल, जय प्रकाश, गिरीश पांडेय, सदरुद्दीन राना, सुहेल आबिद, पी के दीक्षित, डीके मिश्रा, मो इलियास, महेन्द्र राय, केशर सिंह रावत, पी एन तिवारी, सुनील प्रकाश पाल, प्रेम नाथ राय, सनाउल्लाह, ए के श्रीवास्तव, सागर शर्मा, शम्भू रत्न दीक्षित, भगवान मिश्र, पवन श्रीवास्तव, रफीक अहमद, के पी सिंह, दीपक चक्रवर्ती, आलोक कुमार श्रीवास्तव, अजय द्विवेदी, अंकुर भारद्वाज, जगदीश कुमार भारती, शैलेन्द्र सिंह मुख्यतया उपस्थित रहे।
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