ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

कभी गवाही पर नहीं आया पीड़ित; गवाहों-सबूतों के आधार पर 7 साल की सजा

पानीपत: हरियाणा के पानीपत जिले की कोर्ट ने हत्या के प्रयास के एक दोषी को सजा सुनाई है। बड़ी बात यह है कि इस केस में पीड़ित चौकीदार द्वारा केस दर्ज करवाने के बाद दोबारा न ही थाने में आया और न ही वह कोर्ट में कभी गवाही पर आया था। कई बार कोर्ट ने उसे नोटिस भी भेजा।अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश निशांत शर्मा की अदालत ने गवाहों की गवाही पर ही दोषी को 7 साल की कैद व 15 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।फैक्ट्री के पास घूमने का कारण पूछने पर चलाई थी गोलीजिला न्यायवादी राजेश चौधरी ने बताया कि 23 अगस्त 2018 को मूल रूप से मेरठ के गांव रामराज के रहने वाले शुभम पुत्र चंदकरण ने चांदनीबाग थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह सेक्टर 25 पार्ट वन में फैक्ट्री का गार्ड है। 22 अगस्त की रात को एक व्यक्ति उनकी फैक्ट्री की दीवार के पास घूम रहा था। उसने उस व्यक्ति से वहां घूमने का कारण पूछा तो उस व्यक्ति ने उस पर गोली चला दी, लेकिन फायर मिस हो गया। उसकी जान बच गई।उससे शोर मचाया तो वहां दूसरी फैक्ट्री से दीपक व अमित आ गए। उसने दोनों को वारदात के बारे में बताया। उन तीनों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर दी।2 गवाहों ने दिलवाई सजासूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने उसके पास से पिस्तौल व 3 गोलियां बरामद कर ली थी। उसकी पहचान मुसरफ पुत्र यासीन निवासी गांव गढ़ी बेसिक के रूप में हुई। पुलिस ने उस पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामला कोर्ट में गया।शिकायतकर्ता ‌शुभम एक भी तारीख पर कोर्ट में पेश नहीं किया। उसने एक गवाही भी नहीं दी। इस मामले के गवाह दीपक व ‌अमित थे। इन दोनों की गवाही पर चार साल ढाई माह चली मामले की सुनवाई के बाद मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश निशांत शर्मा ने दोषी मुसरफ पुत्र यासीन निवास गांव गढ़ी बेसिक को सात साल की कैद व 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.