ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

पंजाब कैबिनेट ने पुरानी पेंशन स्कीम को दी मंजूरी

पंजाब कैबिनेट ने पुरानी पेंशन स्कीम को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार सुबह पंजाब सिविल सचिवालय में हुई बैठक में इस पर मुहर लगी। इसके अलावा गन्ने की कीमत सम्बन्धी नोटिफिकेशन मंजूर किया गया है। अब 380 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिलेंगे। इसमें 305 केंद्र सरकार के, 50 रुपये पंजाब सरकार के और 25 रुपये गन्ना मिलों से मिलेंगे।

कालेजों में लेक्चरर के 645 पद भरे जाएंगे। 16 सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल के पद भरे जाएंगे। प्रिंसिपल भर्ती उम्र 45 से बढ़ाकर 53 साल करने का प्रस्ताव भी मंजूर कर दिया गया है। प्रिंसिपल का दर्जा पीपीएस अधिकारी का होगा। रजिस्टर्ड गौशालाओं के 31 अक्तूबर तक के बिजली बिल माफ कर दिए गए हैं। सीएम ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए की गई सभी घोषणाएं पूरी कीं हैं।

पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने के आप सरकार के इस कदम को कर्मचारियों के हित में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा हैं। अब सरकार को अधिसूचना के साथ ही इसके लिए कॉर्प्स फंड एकत्र करने पर माथापच्ची करनी होगी। हालांकि सरकार ने पिछले महीने ही पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की घोषणा की थी,  लेकिन इस योजना को लागू करने के प्रस्ताव का खाका अब राज्य के वित्त विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार ओपीएस की अदायगी के लिए पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के पास जमा 17,000 करोड़ रुपये के कॉर्प्स फंड का प्रयोग कर सकती है, लेकिन इसे हासिल करना पंजाब सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस कोष में कर्मचारियों के वेतन का 10 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा पेंशन के लिए बेसिक सैलरी का 14 प्रतिशत हिस्से का योगदान रहता है। वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए केंद्र से पैसे वापस करने का आग्रह करना होगा, लेकिन यह केंद्र के विवेक पर निर्भर है। इसके बाद ही पुरानी पेंशन योजना लागू हो सकती है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.