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समाज मे क्षिक्षा के अलख जगाने साथ ही धरती को हरियाली करने के लिए लाखो पौधा रोपण किया!

तो दूसरी तरफ बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ कोई नारा को बुलंद करने पर्यावरण प्रेमी एक्सीजन मेन ने बेटियों को पुस्तकों के करीबन लाने का किया प्रयास चारो तरफ हरियाली हो इसके लिए निशुल्क शिक्षा की सुरुवात की साथ ही रोजगार के लिए छात्रों को तैयारी भी कराते हैँ!

एक तरफ इस डिजिटल क्रान्ति के दौर में आज के जेनरेशन किताबों से दूर होते जा रहे हैं,वहीं दूसरी ओर ग्रीन पाठशाला बीएसएस क्लब में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रही बेगूसराय,समस्तीपुर, खगड़िया और दरभंगा जिला के सुदूर ग्रामीण अंचल की 64 बेटियों को चौखट से बाहर निकालकर किताबों से रूबरू करवाने के लिए राष्ट्रीय पुस्तक पटना का पहली बार अवलोकन करवाया गया।इस टूर का नेतृत्व ग्रीन पाठशाला बीएसएस क्लब के संस्थापक राजेश कुमार सुमन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हमारी बेटियां जिस स्टॉल पर एक साथ जा रही थी। उस स्टॉल का रौनकता बढ़ जाती थी। बेटियों के सांसे हो रही है कम आओ पेड़ लगाएं हम, बंजर धरती करें पुकार पेड़ लगाकर करों श्रृंगार, पेड़ पौधा मत करो नष्ट सांस लेने में होगा सांस लेने में होगा कष्ट जैसे गगनभेदी नारा से पटना के गांधी मैदान स्थित राष्ट्रीय पुस्तक मेला गुंजायमान हो रहा था।मेला परिसर में बेटियों के अनुशासन का खूब चर्चाएं हो रही थी। सुमन ने आगे बताया कि हम अपने बेटियों को पुस्तक मेला नही घुमाते तो सही मायने में मेरा बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का नारा अधूरा रह जाता।मेला में घूमने के बाद हमारी बेटियों में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है।बताते चलें कि ग्रीन पाठशाला बीएसएस क्लब द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के बेटियों को प्रतियोगिता परीक्षा की कोचिंग दिया जाता है और गुरु दक्षिणा में सभी बेटियां अपने – अपने शुद्ध प्राणवायु के लिए अपने अपने नाम से अपने सम्मान में 18 -18 पौधरोपण करती है। टूर में शामिल बेटियां बताती हैं कि हम आज तक गांव के दुर्गा मेला,काली मेला या फिर सीता विवाह मेला देखी थी, लेकिन पटना पुस्तक मेला घूमने के बाद मेरी आंखे खुल गई है, बेटियों को इस सामाजिक बेड़ियों से ऊपर उठने के लिए एक बार पुस्तक मेला जरूर घूमना चाहिए। बेटियों ने मेला में प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए खूब किताबें भी खरीदी।

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