ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

असम में विदेशी घोषित किए गए 68 लोगों का पहला जत्था ट्रांजिट कैंप पहुंचा

असम में विदेशी न्यायाधिकरण ने 68 लोगों के पहले जत्थे को विदेशी घोषित कर दिया है। इन सभी को गोलपार जिले के मटिया इलाके में बने सबसे बड़े ट्रांजिट कैंप में पहुंचा दिया गया है। असम के जेल महानिरीक्षक बरनाली शर्मा ने बताया कि इन 68 में 45 पुरुष, 21 महिलाएं और दो बच्चे गोलपारा जेल में बंद थे।

गुवाहाटी हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद उन्हें शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। डिब्रूगढ़ में जिला जेल और केंद्रीय जेल में छह निरोध केंद्र हैं, बरनाली शर्मा ने कहा, गोलपारा, जोरहाट, कोकराझार, सिलचर और तेजपुर।

बरनाली ने बताया कि डिब्रूगढ़, गोलपारा, जोरहाट, कोकराझार, सिलचर और तेजपुर में जिला जेल और केंद्रीय जेल में छह डिटेंशन सेंटर हैं। मटिया के ट्रांजिट कैंप में 3000 लोगों को रखने की क्षमता है। अभी इसके तीन हिस्सों को लिया गया है। इनमें एक एक में पुरुष, महिलाओं व बच्चों को रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छह डिटेंशन सेंटरों में बंद कैदियों को चरणबद्ध तरीके से मटिया ट्रांजिट कैंप में स्थानांतरित किया जाएगा।

 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.