जान मारने की नियत से गोली मारने के आरोपी को दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा
जहानाबाद। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ राकेश कुमार सिंह ने जान मारने के नियत से बंदूक के कुंदा एवं पेट में गोली मारने के आरोप में ग्राम टिमलपुर निवासी जय यादव, रामानंद यादव, कुणाल यादव एवं बबलू यादव को दोषी पाते हुए धारा 307 के अंतर्गत दस वर्ष सश्रम कारावास, प्रत्येक को पांच पांच हजार रुपए अर्थ दंड, धारा 324 में दो वर्ष, धारा 347 में एक एक वर्ष एवं एक एक हजार रुपए अर्थ दंड और अभियुक्त कुणाल यादव को आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए तीन वर्ष सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपया अर्थ दंड की सजा सुनाई, अर्थ दंड की रकम नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। लोक अभियोजक सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस केस क़े सूचक ग्राम टिमलपुर निवासी अखिलेश प्रसाद ने पाली थाना कांड संख्या 18/2008 प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था की 21मार्च 2008 को सभी अभियुक्त गण अन्य छः अभियुक्तों के साथ आए और सूचक के भाई मिथलेश यादव को जय यादव ने रायफल की कुंदा से सिर पर मारकर जख्मी कर दिया, रामानंद यादव के आदेश पर कुणाल यादव ने सूचक के भाई मिथलेश यादव पर गोली चला दिया जो उनके पेट में गोली लगी। सुनवाई के बाद न्यायलय ने दस में से छः अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया जबकि चार को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।