शिव भक्तों के सेवा में जुटे स्वयंसेवक
खुसरूपुर। एशिया का एक मात्र मंदिर जहाँ माता पार्वती के साथ भोलेनाथ विराजमान है। त्रेता काल मे श्री राम प्रभु ने यहाँ पूजा अर्चना किया एवं जनकपुर जाने के क्रम में जिस जगह रात्रि विश्राम किया वह आज राघोपुर के नाम से जाना जाता है। महावली जरासंध प्रति दिन जलाभिषेक के लिए यहाँ आते थे। मंदिर का जीर्णोद्धार राजा मान सिंह ने कराया। यहाँ शंकराचार्य, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जज तक पूजा अर्चना के लिए आते रहे है। शिव पुराण महायज्ञ का आयोजन पटना से सटे बैकुंठधाम में 16 से 22 तक किया गया है। आज अहले सुबह इक्कीस सौ महिलाओं ने बैंड बाजे और डीजे पर शिव भजन कीर्तन पर झूमते हुये गंगा घाट से कलश में जल भरकर यात्रा आरंभ किया। शिव नगरी बैकठपुर में पहली बार शिव पुराण कथा का आयोजन होने से लोगों में काफी हर्ष है। कलश यात्रा खुसरूपुर चौराहा होते हुये यज्ञ मंडप में पहुँचा जहाँ विधि विधान से कलश स्थापित किया गया। प्रेम यूथ फाउंडेशन के मुख्य स्वयंसेवक दिलीप कुमार ने बताया कि फाउंडेशन सेवा ही संकल्प के लिए काम करता है। हमारे स्वयंसेवको से कोई भी शिव भक्त सहयोग ले सकते है। स्वयंसेवक शिबम कुमार, तनिष्क राज, आदित्य कुमार, विकास कुमार समेत दो दर्जन स्वयंसेवक मौजूद रहे।