ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

जातिगत जनगणना की मांग को लेकर सपा शुरू करेगी राज्य व्यापी अभियान

लखनऊ । समाजवादी पार्टी (सपा) जाति के मुद्दे को छोड़ने के मूड में नहीं है। उसका मानना है कि इसी तरह सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त होगा। सपा उत्तर प्रदेश में जातिगत जनगणना की मांग को लेकर 24 फरवरी को राज्यव्यापी ब्लॉक स्तरीय अभियान शुरू करेगी। पहला चरण 5 मार्च को समाप्त होगा। अभियान 20 फरवरी से शुरू होने वाले यूपी विधानमंडल के बजट सत्र के साथ मेल खाता है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएगी। सपा को लगता है कि वह 85 बनाम 15 (85 प्रतिशत ओबीसी और दलित हैं और 15 प्रतिशत उच्च जातियां हैं) को बढ़ावा देकर भाजपा के 80 बनाम 20 (80 हिंदू, 20 मुस्लिम) के सांप्रदायिक कार्ड का मुकाबला कर सकती है।

अपनी नई नीति को रेखांकित करते हुए सपा अध्यक्ष ने हाल ही में अपने दो नेताओं रोली मिश्रा और ऋचा सिंह को निष्कासित कर दिया है, जिन्होंने सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य के श्रीरामचरितमानस पर दिए बयान पर आपत्ति जताई थी। निष्कासित दोनों नेता सवर्ण जाति के हैं। हालांकि अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं को संकेत दिया है कि उन्हें सांप्रदायिक और धार्मिक मुद्दों से बचना चाहिए, लेकिन उन्हें पिछड़े और दलित जाति समूहों से संबंधित मुद्दों को उठाने में हिचकने की जरूरत नहीं है। यूपी विधानमंडल में समाजवादी पार्टी के 109 विधायक और नौ एमएलसी हैं और बजट सत्र में सपा का फोकस जातिगत जनगणना, कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर रहेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.