ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

गैंगस्टरों के खिलाफ एनआईए की बड़ी कार्रवाई, देशभर में 70 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी 

नई दिल्ली । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) देश भर में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना और अन्य गैंगस्टरों से जुड़े 70 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मंगलवार सुबह से शुरु हुई छापेमारी दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात, चंडीगढ़ और उत्तरप्रदेश में जारी है। लॉरेंस को एनआईए ने 24 नवंबर, 2022 को जनता में आतंक पैदा करने के लिए आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के सिंडिकेट द्वारा रची गई साजिश से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी तब हुई जब वह भटिंडा जेल में बंद था।
एनआईए ने पहले कहा था कि इस तरह की सभी आपराधिक हरकतें स्थानीय घटनाएं नहीं थीं, बल्कि आतंकवादियों, गैंगस्टरों, ड्रग तस्करी के कार्टेल और नेटवर्क के बीच गहरी साजिश का हिस्सा थीं, जो देश के भीतर और बाहर दोनों जगह काम कर रही थीं। एनआईए ने पाया कि ज्यादातर साजिशें बिश्नोई द्वारा जेल के अंदर से रची गई और उन्हें भारत और विदेशों में स्थित गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क द्वारा अंजाम दिया गया। गौरतलब है कि गिरफ्तार किया गया गैंगस्टर एक दशक से अधिक समय से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में लक्षित और सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देने की साजिश सहित कई मामलों में शामिल और वांछित है।
बिश्नोई अपने भाइयों सचिन और अनमोल बिश्नोई और सहयोगियों के साथ, जिनमें गोल्डी बराड़, काला जथेड़ी, काला राणा, बिक्रम बराड़ और संपत नेहरा भी शामिल थे, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी और व्यापक जबरन वसूली के माध्यम से ऐसी सभी आतंकवादी/ आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटा रहा था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.