गीता पढ़ने के बदले फुटबॉल खेलना चाहिए : स्वामी विवेकानंद
जहानाबाद। जिले के एक स्थानीय स्कूल में वार्षिक खेलकूद दिवस के अवसर पर छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसका विधिवत उद्घाटन अनुमंडलाधिकारी मनोज कुमार ने किया। इन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि पहले एक कहावत था कि पढ़ोगे लिखोगे होगे नवाब खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब लेकिन अब यह कहावत असफल है। क्योंकि खेल से भी कैरियर, नाम व धन हासिल किया जा सकता है। यहां के बच्चों में प्रतिभा है। जिसे ऐसे खेल आयोजन से खिलाड़ियों में राष्ट्रप्रेम का निर्माण किया जा सकता है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने किया | उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने देश के नव युवकों से कहा था। मेरे नवयुवक मित्रों बलवान बनो। तुमको मेरी सलाह है कि गीता को पढ़ने के बदले युवकों को फुटबॉल खेलना चाहिए। इस कथन से स्पष्ट है कि स्वस्थ मन में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। पी. साईंरन ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य एवं अच्छी समझ जीवन के दो सर्वोत्तम वरदान है। इन दोनों की प्राप्ति के लिए जीवन में खिलाड़ी की भावना से खेल खेलना आवश्यक है। कालिदास का यह कथन पूर्णता सत्य है की जीवन की पहली आवश्यकता स्वस्थ शरीर ही है। गुरुकुल के जमाने में भी शिक्षा के साथ साथ खेल पर भी जोर दिया जाता था। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति ने देश के स्कूलों में खेलकूद पर बल दिया है। इस अवसर पर स्कूल के निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि खेल बहुत ही अच्छा शारीरिक गतिविधि है जो तनाव और चिंता से मुक्ति प्रदान करता है। यह खिलाड़ियों के लिए अच्छा भविष्य और पेशेवर जीवन का क्षेत्र प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील और आधुनिक बनने के दौर में हम अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। खेल का महत्त्व हम भूलते जा रहे हैं। आज के बच्चे मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और वीडियो गेम में ही व्यस्त रहते हैं। स्कूल के विद्यार्थियों को इससे बचना चाहिए। खेल के मैदान में खेल में भाग लेने से खिलाड़ियों में प्रेम, साहस, राष्ट्र भावना, सामूहिक सद्भावना और भाईचारे की भावना बढ़ती है। इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य मृत्युंजय कुमार ने कहा कि यह स्कूल जिले में शैक्षणिक क्षेत्र में सभी स्कूल से आगे है। हम चाहते हैं कि खेल के क्षेत्र में भी इस स्कूल के छात्र छात्राओं को ऐसा प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि यहां के बच्चों को राज्य और देश स्तर पर खेलने के लिए चयनित हो सकें। इस अवसर पर स्कूल के खेल शिक्षक ने एक रीक्रिएशनल गेम का आयोजन किया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अनुमंडल पदाधिकारी ने मेडल देकर सम्मानित किया।